Central Bar Association Lucknow

जमानत प्रार्थना पत्रों का निस्तारण शीघ्र हो यदि थानों से कमेंट्स या रिपोर्ट्स समय से नहीं आती है तो उस पर जमानत आदेश पारित कर दिया जाए तथा संबंधित विवेचक के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की जाए जिससे समाज में न्यायपालिका की निष्पक्षता बनी रहे।

देश इस समय कोरोना वायरस महामारी के संकट से जूझ रहा है। इस महामारी से निपटने के लिए सरकार ने लॉकडाउन किया है। देश के विभिन्न हिस्सों में कई लोग ऐसे हैं जो इस संकट की घड़ी में दूसरों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ ने कल 19 मार्च को सिविल कोर्ट परिसर में किसी भी व्यक्ति को प्रवेश न करने देने का अल्टीमेटम दिया है। एसोसिएशन ने कहा है कि यदि कोरोनावायरस से बचाव के प्रबंध कल सुबह तक नहीं किए गए तो परिसर में किसी भी व्यक्ति को न्यायालय में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जिसकी सज़ा 50 फीसदी पूरी हो गई है ऐसे बंदियों को रिहा करने का निर्णय हुआ है। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर दी है। श्री सिंह सेंट्रल बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने लखनऊ के चौतरफा विकास का दावा करते हुए सरकार की उपलब्धियों को गिनाया।