Chandrayaan

पहले ही इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि लैंडर विक्रम के चांद की सहत पर पहुंचे से पहले के 15 मिनट काफी अहम होंगे। बता दें कि इसरो चंद्रयान-2 चांद का धरती से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर आकर अपना रास्ता भटक गया। 

'मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है।'

जो अभी तक दुनिया का कोई देश नहीं कर पाया, वो मुकाम आज हिंदुस्तान हासिल करेगा। भारत का चंद्रयान-2 देर रात चांद के दक्षिणी हिस्से की सतह पर लैंड करेगा।

चंद्रयान एक सेकेंड के ईंधन में 500 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। 15 अगस्त के आसपास जब ये अपनी कक्षा बदलने वाला होगा, तब वो एक सेकेंड में और भी ज्यादा रफ्तार पकड़ चुका होगा।