chief justice

कोरोना संकट के दौर में सेवा, सहायता और समर्पण की शानदार मिसालें देखने को मिल रही हैं। देशभर में डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों की...

इन्ही चर्चाओं के चलते चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विश्वनाथ समद्दर को मेघालय उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश करने का भी शनिवार को फैसला किया।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सादगीपूर्ण विदाई समारोह में सबका शुक्रिया अदा करने के बाद प्रेस को इंटरव्यू ना देकर लिखित बयान जारी किया। साथ ही साथी जजों को मीडिया से दूरी बनाए रखने को कहा है।  सीजे रंजन गोगोई ने कहा है कि बेंच और जजों को अपनी आजादी का प्रयोग चुप्पी बनाकर करना चाहिए।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। शुक्रवार 15 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस गोगोई को फेयरवेल पार्टी दी। इस फेयरवेल पार्टी में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पहुंचे, लेकिन मीडिया से दूर रहें। उन्होंने अपने विदाई समारोह में परंपरा से हटकर किसी तरह का कोई भाषण भी नहीं दिया।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (cji)के कार्यालय को आरटीआई के दायरे में लाने के लिए  दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर  बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा। सीजेआई रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली 5

अयोध्या फैसले को देखते हुए प्रदेश में धारा 144 लागू है। इसके साथ ही फैसला सुनाने वाले मुख्य न्यायधिशों को z प्लस सुरक्षा दी गई है। साथ ही साथ सुप्रीम कोर्ट की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा में लगे अर्ध्दसैनिक बलों की संख्या में कई गुना ईजाफा किया गया है।

बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने 40 दिनों तक अयोध्या मामले की लगातार 40 दिन तक सुनवाई की है। अयोध्या मामले का फैसला 4 नवंबर से 17 नवंबर के बीच आने की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि सीजेआई गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।

अयोध्या राम मंदिर मुद्दे पर सुनवाई शुरू हो गई है। बुद्धवार को इस मामले पर सुनवाई 26वां दिन है। संवैधानिक बेंच के प्रमुख और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने मामले में दलीलों के लिए भी डेडलाइन तय की है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने 18 अक्टूबर तक दलीलें पूरी करने की डेडलाइन तय की है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलो में दर्ज एफआईआर को रद्द करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल लगभग साढ़े पांच सौ याचिकाओं को आधे घंटे में निस्तारित कर दिया है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई स्थगित की जिसमें पश्चिम बंगाल में ‘‘जय श्री राम’’ नारा लगाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर हस्तक्षेप की मांग की गई थी।