Chief Justice Ranjan Gogoi

फैसले के बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई आज अयोध्या मामले में सुनवाई करने वाले जजों को डिनर देंगे। यह डिनर दिल्‍ली के ताजमान सिंह होटल में आयोजित किया गया है। डिनर में CJI के साथ जस्टिस बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस DY चन्द्रचूड़ और जस्टिस नज़ीर शामिल होंगे।

बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने 40 दिनों तक अयोध्या मामले की लगातार 40 दिन तक सुनवाई की है। अयोध्या मामले का फैसला 4 नवंबर से 17 नवंबर के बीच आने की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि सीजेआई गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले पर 21 अगस्त को सुनवाई का नौवां दिन है। इस सुनवाई में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली, पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 'राम लला विराजमान' के वकील सी.एस वैद्यनाथन की दलीलें सुननी शुरू की थी। 

 प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली उच्चतम न्यायालय की एक पूर्व कर्मी ने मंगलवार को फैसला किया कि आंतरिक जांच समिति के सामने अब और पेश नहीं होगी

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप मामले में सुनवाई शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में वकील उत्सव बैंस ने अतिरिक्त हलफनामा और सीलबंद सबूत कोर्ट को दिए

शीर्ष न्यायालय में विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ न्यायाधीशों के बीच कल देर शाम और मंगलवार की सुबह मुद्दे पर चर्चा हुई । उन्होंने उस तथ्य का भी उल्लेख किया कि प्रथम पांच अदालतों की न्यायिक कार्यवाही देरी से शुरू हुई।

पूर्वोत्तर का ताकतवर छात्र संगठन ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के समर्थन में सामने आया है। संगठन का कहना है कि गोगोई के खिलाफ आरोप निराधार हैं।

उच्चतम न्यायालय के सेक्रेटरी जनरल संजीव सुधाकर कालगांवकर ने कई न्यायाधीशों को इस महिला का पत्र मिलने की पुष्टि करते हुये कहा कि इस महिला द्वारा लगाये गये सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार है।