citizenship bill

जुलूस निकाल रहे यह युवक शासन सत्ता के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। साथ ही इस बिल को भारतीय संविधान की मूल आत्मा के विपरीत बताते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे थे।

नागरिकता संशोधन बिल (सीएबी) पर राज्यसभा  में चर्चा से पहले बुधवार की सुबह बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर हमला किया।

जदयू के प्रवक्ता पवन कुमार वर्मा ने मंगलवार इस बारे में ट्वीट किया और लिखा कि ‘मैं नीतीश कुमार से अपील करता हूं कि राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल (CAB) पर समर्थन पर दोबारा विचार करें। ये बिल पूरी तरह से असंवैधानिक है और देश की एकता के खिलाफ है।

लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक सोमवार देर रात पास हो गया। इस बिल के समर्थन में 311 वोट पड़े, जबकि 80 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। अब इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को इस बिल में नागरिकता देने का प्रस्ताव है।

 गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल 2019 पेश किया, उन्होंने विपक्ष के ऐतराजों का जवाब देते हुए कहा कि इस बिल से किसी के भी अधिकार का हनन नहीं हो रहा है, किसी के साथ भी अन्याय नहीं हो रहा है|

केंद्र की मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन बिल लाने की तैयारी कर रही है। इस बिल में पड़ोसी देशों से शरण के लिए आने वाले हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।

संघ के एक नेता ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग सीएबी और एनआरसी के बीच का अंतर समझें और हिंदू शराणार्थियों को बांग्लादेश घुसपैठियों से न जोड़ें। संघ अब इस मामले को लेकर सांसदों, लेखकों, रणनीतिकारों और बुद्धिजिवियों तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है।