cm ashok gehlot

14 अगस्त को विधानसभा के सत्र की शुरुआत होने वाली है, जिसका सत्ता और विपक्ष के विधायकों को बेसब्री से इंतजार है। इस बीच सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट के दो विधायकों की अचानक तबीयत खराब हो गई है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि उनकी सरकार को गिराने के प्रयास को रोका जाए और कहा कि वह सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस के बागियों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

राजस्थान के सियासी घमासान की रणभूमि बदल गई है। अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे के विधायकों को जयपुर के फेयरमॉन्ट होटल से जैसलमेर के सूर्यगढ़ होटल में शिफ्ट कर दिया गया है।

हुआ कुछ यूं कि अभी एक दिन पहले ही राजस्थान सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत और राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी के बीच एक मुलाकात हुई।

राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच मंगलवार को अशोक गहलोत कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा उठाई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है।

सीएम अशोक गहलोत की कैबिनेट की बैठक में राज्यपाल द्वारा विधानसभा-सत्र को लेकर उठाई गई आपत्तियों के जवाब पर मंथन किया जाएगा। वहीं, विधानसभा-सत्र के कामकाज पर भी चर्चा की जाएगी।

जहां एक ओर CM अशोक गहलोत 31 जुलाई को विधानसभा सत्र बुलाना चाहते हैं तो वहीं दूसरी ओर राज्यपाल ने उनके इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है।

राजस्थान में आज राज 9 :30 बजे गहलोत कैबनेट बुलाई गयी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में होने वाली इस कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला हो सकता है।

धरने के लिए सीएम हाउस में टेंट की व्यवस्था भी कर दिया गया है। फिलहाल सारे विधायक राजभवन के मैदान में बैठे हैं। सीएम अशोक गहलोत ने स्पष्ट तौर से कहा है कि जब तक राज्यपाल महोदय पत्र नहीं सौंपते हैं तब तक धरना जारी रहेगा।

अशोक गहलोत गुट द्वारा शुक्रवार को राजभवन में धरना देने के बाद भी अगर उन्हें लगता है कि उनकी मांगें अनदेखी की जा रही हैं तो फिर कांग्रेस दिल्ली का रुख कर सकती है।