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मध्य प्रदेश का सियासी बवाल अभी तक थमता दिखाई नहीं दे रहा है। पिछले 10 दिनों से मध्य प्रदेश की राजनीति में काफी उथल-पुथल मचा हुआ है।

मध्य प्रदेश में कई दिनों से जारी सियासी उलट-पलट के बीच सोमवार यानी आज कमलनाथ सरकार को अपना बहुमत साबित करना था। लेकिन अब विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

मध्य प्रदेश में सियासती ड्रामा जारी है और इन सब के बीच MP के राज्यपाल लालजी टंडन द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ को विधानसभा पटल पर बहुमत साबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

भोपाल पहुंचने के बाद स्टेट हैंगर में मंत्री तरुण भनोत, कुणाल चौधरी एक साथ देखे गए। सीएम आवास के बाहर काफी तेज हलचल चल रही है। यहां पर कमलनाथ सरकार के मंत्रियों का पहुंचना लगातार जारी है। यहां सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त की गई है।

मध्य प्रदेश पहुंचे कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के सम्मान में गुरूवार को कमलनाथ सरकार के मंत्री गोविन्द राजपूत ने डिनर पार्टी का आयोजन किया।

दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुश्किलें आने वाले दिनों बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1984 के दंगों की फाइलें दोबारा खोलने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कमलनाथ का इस्तीफा मंजूर भी कर लिया है। हालांकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।

कर्नाटक में जहां कुमारस्वामी के नाटक का अंत हुआ वहीं अब बीजेपी के लिए एक बार फिर खुशी की लहर। फ्लोर टेस्ट में कुमारस्वामी के पक्ष में 99 वोट तो वहीं बीजेपी के पक्ष में आये 105 वोट। इसका मतलब साफ है कि बीजेपी कर्नाटक में अब अपनी सरकार बनाने वाली है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओएसडी आईपीएस अफसर प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव और उनके आईएएस पति मनु शर्मा के खिलाफ प्रयागराज में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को विधानसभा के सदस्य की शपथ ली। उन्हे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. एनपी प्रजापति ने शपथ दिलाई। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव मौजूद थे।