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कांग्रेस के बागी विधायकों ने कांग्रेस के किसी भी नेता या कार्यकर्ता से मिलने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि चाहे वो दिग्विजय सिंह हों या फिर सीएम कमलनाथ वे किसी से भी नहीं मिलना चाहते हैं।

फिलहाल विधानसभा का सत्र स्थगित होने को कमलनाथ की जीत कहा जा सकता है क्योंकि राज्यपाल के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र 26 मार्च तक स्थगित कर दिया है। इससे भाजपा खेमे पर विधायकों को लंबे समय तक रोके रखने की मुसीबत आ गई है जो कि फिलहाल की स्थितियों में आसान नहीं है।

मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित होने के बाद कमलनाथ सरकार का फ्लोर टेस्ट भी टल गया। अब इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है।

मध्य प्रदेश में कई दिनों से जारी सियासी उठापटक। कमलनाथ सरकार पर लटक रही तलवार। कई दिनों से चल रहे सियासी उठापटक में अब निर्णायक मोड़ आया करीब।

मध्य प्रदेश में सियासी संकट लगातार बढ़ता ही जा रहा है। एक ओर 22 विधायकों के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर कमलनाथ सरकार समेत पार्टी को बड़ा झटका दिया है तो वहीं अब सिंधिया भाजपा में  शामिल हो गये हैं।

मध्य प्रदेश की राजनीति में इस बार होली बेरंग हो गई है। यहां एक बार फिर सियासी संकट पैदा हो गया है। मध्य प्रदेश का राजनीतिक संकट गरमा गया है। सीएम कमलनाथ ने सोमवार शाम को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और फौरन ही भोपाल रवाना हो गए

इंदौर: मध्य प्रदेश में गणतंत्र दिवस (Republic Day 2020) के मौके पर झंडारोहण (Flag Hosting) होने से पहले कांग्रेस के नेता (Clash Between Congress Leaders) आपस में भिड़ गये। आलम ये हुआ कि नेताओं के बीच थप्पड़ और लात घूसों से बात होने लगी। मामला गरमा गया। इसे देख मुख्यमंत्री कमलनाथ की सुरक्षा में लगे …