cm yogi adityanath

आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप्र पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन के 1,920 करोड़ रुपये की लागत के 27 पारेषण उपकेन्द्रों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन पारेषण उपकेन्द्रों में 220 केवी क्षमता के 2 तथा 132 केवी क्षमता के 9 उपकेन्द्र शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कृषि उपज बढ़ाने के लिए हर जिले में कम से कम एक कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित कराने का भी जिक्र करते हुए कहा, हमने किसान को तकनीक से जोड़ा। खेती के विविधीकरण का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरूकुल की परम्परा को पुनर्जीवित करने के लिए संस्कृत विद्यालयों में जब तक स्थाई टीचरों की भर्ती नहीं होती है तब तक इन विद्यालयों में संविदा मे संस्कृत टीचर रखे जायेंगे।

उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बजट पर चर्चा करते हुए अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहले बजट से लेकर इस बार चैथे बजट तक लगातार अयोध्या के विकास को जिस प्रकार वरीयता व प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने दी है, वह अयोध्या के प्रति विकास के उनके दृण संकल्प को भलि-भांति दर्शाता है।

अब वह दिन दूर नहीं, जब देश दुनिया के लोग प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या में सीधे हवाई मार्ग से आ और जा सकेंगे। अयोध्या में एयरपोर्ट निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और आशा है कि अगले साल के शुरूआत में हवाई सेवाओं की शुरूआत भी हो जाएगी।

राज्य सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ी है। पहले जहां मात्र 2 एयरपोर्ट ही थे, अब 5 और नये एयरपोर्ट हो गये हैं, जबकि बरेली का एयरपोर्ट 8 मार्च, से शुरु हो जाएगा।

हाल ही में बिहार में अपनी चुनावी रैलियों से राजनीतिक माहौल को भाजपा के पक्ष में करने के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पश्चिम बंगाल में करिश्मा करने के लिए मंगलवार को इस चुनावी राज्य का दौरा कर हिन्दू मतों का ध्रुवीकरण करेने का काम करेंगे।  

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां प्राथमिक विद्यालय नरही का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अन्तर्गत विद्यालय में कराये गये कार्यों को देखा तथा विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके शिक्षण स्तर को भी परखा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को समझने के लिए उसके सेवा भाव को समझना होगा। उन्होंने कहा कि आरएसएस एक ऐसा संगठन है, जो बिना किसी सरकारी सहयोग के सेवा कार्य करता है।