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कंपनी के प्रकार – फॉर्म्स ऑफ़ बिज़नेस एंटरप्राइज किसी भी नव-उद्यम अथवा व्यवसाय की शुरुआत के लिए सर्वप्रथम आवश्यकता होती है एक व्यावसायिक इकाई का गठन. यह व्यावसायिक इकाई किस प्रकार की होनी चाहिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि हमारा व्यवसाय क्या है, हमारी आवश्यकताएं क्या हैं. आइये हम यहाँ व्यावसायिक उद्यम …

पूर्णिमा श्रीवास्तव गोरखपुर। सरकारी, निजी कंपनी या फिर ठेकेदारों के अधीन काम करने वाला कर्मचारियों के पीएफ और ईपीएफ को लेकर तमाम उम्मीदें होती हैं। सपने होते हैं। कोई बेटी के हाथ पीले करने के लिए रकम को सुरक्षित रखता है तो सिर पर छत के लिए। कोई बीमारी के लिए इसे सुरक्षित रखता है …

देश में म्यूचुअल फंड निवेश का सबसे बड़ा जरिया बन गए हैं। कुछ म्यूचुअल फंड कंपनियों ने वोडाफोन-आइडिया में करीब 3376 करोड़ रुपये का निवेश कर रखा है। ये घाटे से बेहाल हुई सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है। ऐसे में अगर टेलीकॉम कंपनी दिवालिया होगी तो इन म्यूचुअल फंड कंपनियों  पर भी असर दिखेगा। 

देश में टेलीकॉम कंपंनियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए वोडाफोन सामने आया है। उसने कहा है कि भारत में उसका भविष्य तबतक अधर में रहेगा जबतक सरकार ऑपरेटरों पर ज्यादा टैक्स और चार्ज लगाती रहेगी।

मनीष श्रीवास्तव लखनऊ: बिजली कर्मचारियों की जीपीएफ की धनराशि को लेकर हुए गोलमाल में सरकारी कोशिशें खुद उसे ही कठघरे में खड़ा करती दिख रही हैं। भले ही ईओडब्ल्यू की जांच रोज नए खुलासे कर रही हो। तीन बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी हो। सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने का एलान …

असल में यह वाक्या है ओडिशा का। ओडिशा में एक सड़क दुर्घटना में एक बकरी की मौत को लेकर आंदोलन हुआ था। इस आंदोलन के कारण महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) को 2.68 करोड़ रुपये का नुकसान भुगतना पड़ रहा है।

इसके साथ ही कंपनी ने 4,978 करोड़ रुपए का राजस्व पर 1,537 करोड़ रुपए का राजस्व दर्ज किया है। सुजलॉन एनर्जी को इस वित्त वर्ष में 1,928 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2021 में 835 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2022 में 926 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2023 में 4,483 करोड़ रुपए का भुगतान करना है।

दरअसल, इसके लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी लेने को जरूरी नोट तैयार किया जा रहा है। मीडिया सूत्रों से यह जानकारी प्राप्त हुई है। बताया जा रहा है कि अगस्त में उच्च स्तरीय बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र की दोनों इकाइयों को बंद करने की प्रक्रिया को तुरंत शुरू करने का फैसला लिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत संचार निगम माथुरा के महाप्रबंधक के याची कम्पनी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सुनवाई का मौका दिए बगैर किसी कम्पनी को ब्लैक लिस्ट नही किया जा सकता। नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना जरूरी है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कम्पनी समापन प्राक्रिया में है तो उसके खिलाफ लोन वसूली के लिए सिविल वाद दायर नहीं किया जा सकता। कम्पनी के देनदारी सहित सभी मामले कम्पनी न्यायाधीश द्वारा तय किये जायेंगे।