Condom

वैसे दिल्ली अकेला शहर नहीं है, जहां इस तरह की वारदात सामने आई हो। अहमदाबाद और चंडीगढ़ भी ऐसे ही शहर हैं, जहां पर इस तरह के वाकये सामने आए हैं। यही नहीं, कई जगहों पर पुलिसकर्मियों के भी चालान काटे जा रहे हैं।

ट्रैफिक पुलिस की बात करें तो कानून में इसको लेकर किसी तरह का कोई नियम नहीं है। ऐसे में अगर किसी कैब ड्राइवर का कॉन्डम न रखने पर चालान होता है तो शिकायत अथॉरिटी से इसकी शिकायत करनी चाहिए, जबकि दिल्ली मोटर व्‍हीकल एक्‍ट- 1993 और सेंट्रल मोटर व्‍हीकल एक्‍ट, 1989 में ऐसा कोई जिक्र नहीं है।

आपको सुनकर थोड़ा आश्चर्य लगेगा लेकिन यह सच है कि दिल्ली के कैब चालकों से यह सवाल पूछा जा रहा है। पूरा मामला दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग से है, जहां एक कैब चालक धर्मेंद्र को पुलिस रोकती है।

लखनऊ : टीवी पर सूर्यवंशम के बाद अगर कोई चीज सबसे ज्यादा नजर आती है, तो वो है कॉन्डम। पान से लेकर अचार पापड़ के फ्लेवर वाले। बोले तो कुछ बचा नहीं। जिस फ्लेवर का कॉन्डम मार्केट में आता न हो। तो जनाब! आज का हमारा ज्ञान इसी पर है।  ये भी पढ़ें: SBI का नया …

लखनऊ : अपने देश में कॉन्डम खरीदने से पहले बंदा ऐसे हरकत करता है, जैसे आरडीएक्स खरीद रहा हो, कोई देख लेगा तो सीधे फांसी ही होगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हम कॉन्डम को सिर्फ सेक्स के साथ जोड़कर अपने दिमाग में बसा चुके हैं। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि कॉन्डम का प्रयोग …

सुरक्षित यौन संबंध के लिए दुनिया में सबसे आसान कॉन्ट्रासेप्शन यानी गर्भनिरोध का तरीका कॉन्डम है। इसे न सिर्फ इस्तेमाल करना आसान है बल्कि यह हर जगह बाजार में आसानी से मिल जाता है। इसकी साइज छोटी होने की वजह से आप इसे अपनी पॉकेट में आसानी से लेकर चल सकते हैं।

ऐसे में ये कहना बिलकुल गलत नहीं है कि बिना कॉन्डम के सेक्स करना सेफ नहीं होता है। अगर आप सेक्स को बिना किसी टेंशन के एंजॉय करना चाहते हैं और अभी आप बच्चा प्लान नहीं कर रहे हैं तो आपको कॉन्डम के साथ ही सेक्स करना चाहिए।

लेटेक्स से बने कंडोम बेशक आपको गर्भधारण करने से बचाते हैं। मगर इसकी वजह से महिलाओं को एलर्जी हो जाती है। इसकी वजह से महिलाओं में सेक्स के दौरान होने वाली प्रतिक्रिया कम हो जाती है।

अगर ऐसा कभी हो कि कोई जंगल में फंस जाए और पानी न हो और पानी का स्रोत मिलने के समय आपके पास बोतल भी न हो तो क्या किया जा सकता है। ऐसे में कंडोम हो उसमें पानी इकट्ठा किया जा सकता है। ये मुश्किल वक़्त में आपके काम आ सकता है।

सहारनपुर: मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल अथवा उसके घर तक पहुंचाने के लिए प्रयोग किए जाने वाली एंबुलेंस में रोगी को राहत पहुंचाने के लिए आक्सीजन सिलेंडर और अन्य जीवन रक्षक दवाएं रखी जाती हैं। लेकिन यहां पर रोगियों को लाने और ले जाने वाली एंबुलेंस में इन सब चीजों की जगह कंडोम …