Corona vaccine

कोरोना वायरस से बुजुर्गों की होने वाली मौतों को लेकर राहत भरी खबर आई है। एक टीके के जरिए बुजुर्ग मरीजों की मृत्युदर कम होने की बात कही जा रही है...

अमेरिका में कोरोना के लिए सबसे पहले टेस्ट की गई वैक्सीन के पहले दो ट्रायल के परिणाम आ चुके हैं, जिससे वैज्ञानिक काफी संतुष्ट और खुश हैं।

ICMR ने बताया कि कोरोना वायरस के लिए भारत के दो वैक्सीन का ट्रायल तेजी से आगे बढ़ रहा है। चूहों और खरगोशों पर इस टीके की टॉक्सिसिटी स्टडीज सफल रही है।

रूस की समाचार एजेंसी स्पूतनिक के अनुसार इंस्टिट्यूट फॉर ट्रांस्लेशनल मेडिसिन एंड बायोटेक्नॉलॉजी के डायरेक्टर वादिम तरासोव ने दावा किया है कि रूस में कोरोना की पहली वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल पूरा कर लिया है और यह पूरी तरह सफल रहा है।

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया के सिर में दर्द कर रखा है। जल्दी से जल्दी इस आफत से छुटकारा पाने के लिए सबने पूरी ताकत झोंक रखी है। कोरोना वायरस के खिलाफ टीका ढूँढने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक रात-दिन एक किए हुये हैं। जंग जारी है और मानवता व विज्ञान की फतह जल्द होना तय है।

टीके के विकास में आमतौर पर जानवरों पर परीक्षण सहित कई चरण होते हैं इसके बाद चरण 1, चरण 2 और मनुष्यों में चरण 3 का अध्ययन किया जाता है। इनमें से किसी भी चरण को छोड़ देने या छोटा करने से संभावित अप्रभावी या खतरनाक परिणाम सामने आ सकते हैं।

विज्ञान मंत्रालय का कहना है कि दुनिया भर में कोरोना की 140 वैक्सीन पर काम हो रहा है और इनमें से 11 ह्यूमन ट्रायल फेज में पहुंच चुकी है।

बा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेदिक संस्थान द्वारा कोरोना की दवा कोरोनिल बनाने का दावा कर अपने लिए मुसीबत खड़ी कर ली है। इस मामले में केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा पतंजलि पर दवा के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाई गई और विभिन्न राज्यों में पतंजलि पर केस लगा दिए गए है।

इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। ऐसे में तमान देश को वैज्ञानिक महामारी के खिलाफ वैक्सीन बनाने में जुटा हुआ है, ताकि कोरोना से जल्द से जल्द छुटकारा मिल जाए।

कोरोना वायरस ने हर चीज पर असर डाला है। जीवन का कोई पहलू इससे अछूता नहीं रह गया है। कोरोना वायरस के चलते बंदरों की मार्केट भी बदल गई है।