corona virus

कोरोना वायरस संक्रमण की नयी लहर आ गयी है जिसने यूरोप के तमाम देशों और अमेरिका को अपनी चपेट में ले लिया है जबकि भारत समेत एशिया में भी फिर से पैर फैलाना शुरू कर दिया है। हालात संवेदनशील हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले अब तेजी से बढ़ने लगे हैं। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को ताजा दिशानिर्देश जारी किए है। जिसके चलते कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए जारी किए गए ये ताजा दिशानिर्देश 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे।

देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना के खिलाफ भारत में बन रही वैक्सीन कहां तक पहुंची इसका जायजा लेने के लिए तीन चोटी के प्रयोगशालाओं का दौरा कर रहे हैं।

कोरोना वायरस को लेकर चीन के कुछ वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि महामारी कोरोना वायरस सबसे पहले भारतीय उपमहाद्वीप में ही फैला। ऐसे में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, शंघाई इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल साइंसेंज के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च पेपर में कहा है कि दिसंबर 2019 में वुहान में कोरोना के मामले सामने आने से पहले यह वायरस भारतीय उपमहाद्वीप में मौजूद था।

तुर्की के एक शिल्पकार साबरी देमीर्चि ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान चांदी और सोने के मास्क (Gold-Silver Masks) बनाना शुरू कर दिया। अब वो करीब 150 से 200 मास्क का वीकली उत्पादन करते हैं।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डीजीसीए ने भारत में कॉमर्शियल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही पर रोक बढ़ा दी है। अब यह रोक 31 दिसंबर तक जारी रहेगी।

जो लोग अपनी पर्सनल हाइजीन का ध्यान नहीं देते है तो ऐसे लोग सुपर स्प्रेडर की तरह कोरोना का वायरस स्वस्थ लोगों तक पहुंचाते है।

दिल्ली में कोरोना वायरस के चलते मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। वहीं इस बीच दिल्ली के श्मशान घाटों की हालत ऐसी हो चुकी है कि शवों को जलाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। 

उम्मीद के सहारे पर ही दुनिया टिकी है मगर इन लोगों की उम्मीद है तब टूट गई जब सरकार द्वारा शादी समारोह के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी। सहालग के दौर में लोग शादियों में धमाल मचाए जाने के लिए बैंड बाजे व डीजे आदि बजवाए जाने के लिए आतुर थे, तभी सरकार ने इन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया।

कोरोना महामारी एक बार फिर अपने पैर पसार रहा है। इसकी रफ़्तार भारत समेत पूरे देश में दो गुना तेज़ी से बढ़ रही हैं। जिसके चलते लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए एक बार फिर से लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया जा रहा है।