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रामनवमी के मौके पर बनारस की मुस्लिम महिलाओं ने नई मिसाल पेश की। पिछले 14 वर्षों से साम्प्रदायिक एकता के सूत्र में देश को बांधने के लिये बनारस की मुस्लिम महिलायें भगवान श्रीराम की आरती करती आ रही हैं।

इटली में कोरोना वायरस की वजह से अभी तक लगभग 13,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही 1 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित है। कोरोना के जंजाल से इटली क्या पूरा विश्व परेशान है।

कोरोना वायरस लोगों की जान ही नहीं ले रहा बल्कि इसके चलते कई घरों में महाभारत भी छिड़ गई है। दरअसल इसने कई पतियों की ऐसी पोल खोल दी है कि वह पति-पत्नी के बीच जंग का कारण बन गई है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनााथ ने आज एक बार फिर अधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे कहा कि पूरे प्रदेश में लॉक डाउन का पूरी तरह पालन हो इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बागपत जनपद में भी लॉक डाउन के मद्देनजर हरियाणा दिल्ली राजस्थान से आने वाले लोगों को उनके घरों तक भेजने के लिए बसे लगाई गई है। बसों में लोगो को बैठाने से पहले उनकी चिकित्सक जांच कर रहे है।

जनपद में कई परिवार ऐसे हैं जो महंगाई के चलते नमक-रोटी खाकर गुजारा कर रहे हैं। देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन का छठवां दिन है। जिला प्रशासन के सहयोग से शहर-कस्बों में भले ही सब्जियां लोगों के गली-मोहल्लों तक पहुंच रही हों, लेकिन आम आदमी की पहुंच से काफी दूर हो गई हैं।

चीन से फैलने वाले इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति में निमोनिया के लक्षण दिखते थे। फिर इसके बाद से धीरे-धीरे वैज्ञानिकों को इस वायरस के बारे में कई और बातें पता चलीं, लेकिन अब भी बहुत कुछ है जो उन्हें नहीं पता।

अमेरिका में भी हालात बहुत बुरे हो गए हैं। लेकिन इस बीच अमेरिका से अच्छी खबर आ रही है। अमेरिका के डॉक्टरों को इस वायरस से लड़ने के लिए दो अलग-अलग दवाइयां मिली हैं इन दोनों दवाईयों को एक साथ मिलाकर मरीज को देने पर अच्छे नतीजे सामने आए हैं।

लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए सरकार के 21 दिन के लाकडाऊन के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग, समाज सेवक, स्वयंसेवी संस्थाए, जनप्रतिनिधियों ने किसी को भी भूख से न मरने देने का बीड़ा उठा लिया है।

कोरोना वायरस से चीन भले ही उभर चुका हो, लेकिन बाकी दुनिया में अभी इसकी वैक्सीन बनाना बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है। बता दें कि चीन में इस संक्रमण के 81000 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं, जबकि 3300 लोगों की इससे मौत हो चुकी है।