cow dung

गोबर की विशेषता के बारे में तो सभी जानते हैं। गाय के गोबर से आज भी गांवो में कंडी बनाकर भोजन पकाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही साथ गोबर का प्रयोग बॉयोगैस बनाने का प्रयोग किया जाता है।

गोबर का अभी तक इस्तेमाल उपलों और जैविक खाद के लिए किया जाता रहा है, लेकिन अब इसका इस्तेमाल ईंटों और प्लास्टर बनाने में किया जा रहा है। इसके परिणाण बेहतर आए हैं। गोबर से बने प्लास्टर, जिसे वैदिक प्लास्टर कहा जा रहा है जिसकी सरकारी लैब में जांच-परख भी की चुकी है।

देश में एक तरफ जहां कालेधन और करप्शन के लिए नोटबंदी का दौर चल रहा है तो वहीँ दूसरी ओर स्वच्छ भारत के लिए अब गोबरबंदी का भी आगाज हो गया। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल मोदी सरकार को सड़क से लेकर संसद तक घेरने में लगे हैं लेकिन इसी बीच गुजरात की अमरेली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत एक अजीब फरमान जारी किया है। कांग्रेस और बीजेपी में अब नोटबंदी बनाम गोबरबंदी का युद्ध शुरू हो गया है।

प्लांट बीएचयू डेयरी फार्म पर लग रहा है जहां प्लांट के लिए बिना खरीद या ढुलाई खर्च के गोबर उपलब्ध होगी। डेयरी फार्म में लगभग 550 पशु हैं। इनसे निकलने वाले मलमूत्र का प्लांट में उपयोग किया जायेगा। इस प्लांट से अच्छी क्वालिटी की गोबर की खाद भी उपलब्ध हो सकेगी।