death anniversary

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह जी ने राजधानी लखनऊ में डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की प्रतिमा पर पुष्पार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी।

बॉलीवुड के बेहतरीन डायरेक्टर रितुपर्णो घोष  ने कई अच्छी फिल्में बनाई हैं। और नेशनल अवॉर्ड भी जीते हैं। उनका नाम देश के सबसे सफल फिल्म निर्देशकों में है। रितुपर्णो घोष अपनी फिल्मों के जरिए बेबाकी से समलैंगिक इशूज को रखने के लिए जाने जाते थे।

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की आज 56वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है है। 27 मई 1964 को जवाहर लाल नेहरू का निधन हुआ था। पुण्यतिथि के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत देश के अन्य बड़े नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 29वीं पुण्यतिथी है। आज ही के दिन यानी 21 मई 1991 को एक आत्मघाती हमले में उनकी ह्त्या कर दी गई थी। राजिव गांधी की हत्या तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक आत्मघाती विस्फोट हमले में कर दी गई थी।

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री नरगिस दत्त की अदाओं और अभिनय की तारीफ आज भी पूरी दुनिया करती है। उनकी खूबसूरती के चर्चे आज भी कम नहीं हुए। भले आज वो सबके बीच नहीं है, लेकिन उनके फैन्स के बीच उनकी दिवानगी आज भी कम नहीं हुई है।

बॉलीवुड की रंगीन दुनिया में दिव्या भारती उन कलाकारों में गिनी जाती है जिनका करियर महज कुछ सालों का रहा, लेकिन उन सालों में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। महज तीन साल के एक्टिंग करियर में दिव्या भारती ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। माना जाता था कि

आज मोतीलाल नेहरु की पुण्यतिथि है। आज ही के दिन 06 फरवरी 1931 को लखनऊ में उनका निधन हो गया था। आपको बता दें कि मोतीलाल नेहरु देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पिता थे, जिनका नाम देश के सबसे धनी वकीलों में होती थी।

गांधी जी की पुण्यतिथि पर हजरतगंज चौराहा और विधानसभा पर सायरन बजाकर 2 मिनट का मौन रख दी गई श्रद्धांजलि

आज यानि 31 जनवरी को गांधी की पुण्यतिथि है। आज ही के दिन साल 1948 में देश ने महात्मा गांधी के रुप में अपना अनमोल रत्न खो दिया था। पूरा देश आज के दिन बापू को याद कर रहा है।

हिन्दी साहित्य की वीणा, सीधे सरल शब्दों को कविता के पात्र में डालकर साहित्य रसिकों को काव्य रस चखाने वाले हिंदी के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन ने  मानव जीवन में प्रेम, सौंदर्य, दर्द, दुख, और मृत्यु को अपने मखमली शब्दों में पिरोकर जिस खूबसूरती से पेश किया है, उसकी कोई और मिसाल