death anniversary

आज यानि 31 जनवरी को गांधी की पुण्यतिथि है। आज ही के दिन साल 1948 में देश ने महात्मा गांधी के रुप में अपना अनमोल रत्न खो दिया था। पूरा देश आज के दिन बापू को याद कर रहा है।

हिन्दी साहित्य की वीणा, सीधे सरल शब्दों को कविता के पात्र में डालकर साहित्य रसिकों को काव्य रस चखाने वाले हिंदी के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन ने  मानव जीवन में प्रेम, सौंदर्य, दर्द, दुख, और मृत्यु को अपने मखमली शब्दों में पिरोकर जिस खूबसूरती से पेश किया है, उसकी कोई और मिसाल

लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व में भारत ने 1965 की जंग में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। ताशकन्द में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की आज यानी 15 दिसंबर को 69वीं पुण्यतिथि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी।

भारतीय संविधान निर्माता व स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर की आज यानि शुक्रवार को 63वीं पुण्यतिथि है। बाबा साहेब अंबेडकर ने छह दिसंबर 1956 को अंतिम सांस ली थी। आज के दिन 'परिनिर्वाण दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा देने वाले बाल ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को केशव सीताराम ठाकरे की  दूसरी संतान के रुप में हुई।  उनके पिता लेखक थे और मराठी भाषी लोगों के लिए अलग राज्य की मांग करने वाले आंदोलन ‘संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन’ के सक्रिय कार्यकर्ता भी थे

हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर संजीव कुमार को कौन नहीं जानता। उन्होंने अपने अभिनय से लाखों दिलों पर राज किया था। उनका एक्टिंग करियर सभी के लिये एक मिसाल था।

देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को आयरन लेडी कहते है। प्रधानमंत्री के रुप में वो पावरफूल महिला थी।अपने देश हित में सशक्त निर्णय के लिए जानी जाती थी।31 अक्टूबर 1984 को गोलियों से छलनी करके उनकी हत्या कर दी गई थी।

फौलादी इरादों और निडर फैसले लेने वाली देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर की सुबह उनके सिख अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी।

गुरु बचपन से ही बहुत शरारती और जिद्दी किस्म के बच्चे रहे हैं। सवाल पूछने की उनकी आदत ऐसी थी कि, पूछते-पूछते उनके सवाल तो नहीं खत्म होते थे लेकिन उनकी मां जरुर उनसे परेशान हो जाया करती थीं।