defense minister rajnath singh

दुश्मनों को छक्के छुड़ाने के लिए भारत ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मंगलवार को यानी आज क्विक रिएक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल्स (Quick Reaction Surface-to-Air Missile (QRSAM) का एक बार फिर सफल परीक्षण किया गया है।

भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस्लामिक आतंकवाद व कट्टरता को लेकर पाकिस्तान पर बड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक कट्टरता को पाकिस्तान से बढ़ावा दिया जा रहा है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा है कि भारत के वीर सपूत विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने में हो रही देरी की बाबत अब बातें पाकिस्तान की असेंबली में भी सामने आ चुकी हैं।

क्या है यह भारत-अमेरिकी संधि? रक्षामंत्री ठाकुर राजनाथ सिंह के शब्दों में हमारे बीच सैन्य सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा उपकरणों के विकास के लिए संयुक्त परियोजनाओं पर भी बात हुई है।

भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू डायलाग में इन समझौतों से भारत की सैन्य ताकत मजबूत होगी। टू प्लस टू मीटिंग के दौरान भारत और अमेरिका के बीच बेसिक एक्सचेंज एंड कॉपरेशन एग्रीमेंट यानी BECA पर करार होने जा रहा है।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर 26-27 अक्तूबर को दिल्ली में हमारे विदेश और रक्षा मंत्री से मिलकर एक समझौता करेंगे, जिसका विचित्र-सा नाम है- 'बुनियादी विनिमय और सहयोग समझौता' (बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट)।

महानवमी के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी है। नरेंद्र मोदी ने कहां कि सभी को मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से अपने कार्यों में सिद्धि प्राप्त हो। प्रधानमंत्री के अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सभी को शुभकामनाएं दीं।

ब्रह्मोस मिसाइल को भारत और रूस के संयुक्त उद्यम के तहत तैयार किया जा रहा है। यह खास मिसाइल है जो धरती, वायु और समुद्र तीनों स्थानों से छोड़ी जा सकती है।

आज का दिन देश की सुरक्षा और दुश्मन देशों को झटका देने वाला ऐतिहासिक दिन माना जा सकता है। सीमा पर तैयार किए गए इन 44 पुलों को आज से शुरू किया जाएगा।

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत अब एक्शन मोड में आ गया है। चीन को सबक सिखाने के लिए और चीन की हरकतों पर नज़र रखने के लिए भारत अब अमेरिका से 30 MQ-9B गार्डियन ड्रोन खरीदेगा। इस ड्रोन से चीन की हरकतों पर नज़र रखा जा सकेगा।