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तबलीगी जमात के मरकज का मामला सामने आने के बाद छिपे मौलाना साद ने कहा है कि वह डॉक्टरों की सलाह पर दिल्ली में क्वारंटीन में थे। साद ने यह भी दावा किया कि पुलिस को उनके यहां होने के बारे में पहले से ही पता है।

दिल्ली के निजामुद्दीन के तबलीगी जमात से कोरोना विस्फोट से जुड़ा अब बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस जांच के बाद पता चला कि मरकज में शामिल हुए करीब 160 मौलवी ऐसे थे, जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण पता चले थे लेकिन फिर भी इसे नजरअंदाज किया किया और कार्यक्रम किया गया।

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात में हुआ कोरोना वायरस विस्फोट पूरे देश में तबाही मचाने को तैयार है। ऐसे में तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के खिलाफ मामला दर्ज हो गया और उनकी तलाश की जा रही है, लेकिन पुलिस को अब तक मौलाना साद का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीग़ी जमात का मरकज कोरोना बम बन बन गया है, जिसमें आवाज तो नहीं थीं लेकिन धमाका इतना जोरदार हुआ कि भारत के कई राज्य इसकी चपेट में आ गए। तबलीग़ी जमात से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए राज्यों में से एक है, तमिलनाडु। मरकज से राज्य में लौटे 110 लोग कोरोना से संक्रमित हैं। ऐसे में अब तमिलनाडु में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 234 हो गया है।