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शुक्रवार को भोर होते गोविन्द साहब के गगनभेदी उद्घोष से पूरा धाम गुंजायमान रहा। लोग सरोवर में स्नानोपरान्त हाथों में कच्ची खिचड़ी का प्रसाद तथा मन में मन्नतें लेकर भीगे वस्त्रों में ही बाबा की समाधि की तरफ पहुचते रहे।

करतारपुर कॉरिडोर के उदघाटन के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह की कमी आने लगी है। पहले तीन दिन में गुरुद्वारा दरबार साहिब में केवल हजारों लोग ही दर्शन करने गए हैं। लेकिन अब हर दिन आने वाले लोगों की संख्या में कमी देखी जा रही है। इसके लिए कई वजहे हैं।

पाकिस्ता्न में स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारा के दर्शन करने बहुत कम लोग जा रहे हैं। सोमवार को महज 130 लोग ही करतारपुर कॉरिडोर दरबार साहिब गुरुद्वारा के दर्शन के लिए गए।

देवी के भक्तों नवरात्रि में हम आपको अपने पिछले लेखों में देवी के प्रादुर्भाव दुर्गा सप्तशती के तीन अध्यायों के गुप्त रहस्यों की जानकारी दे चुके हैं। बता चुके हैं कि कौन से अध्याय को करने से आप अपनी किस समस्या का छुटकारा पा सकते हैं

कैलाश...मानसरोवर यात्रा के 58 श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज लिपुलेख दर्रे के जरिये तिब्बत पहुंच गया।यात्रा की नोडल एजेंसी कुमांउ मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के महाप्रबंधक अशोक जोशी ने बताया कि श्रद्धालुओं का पहला जत्था सुबह सवा आठ बजे 17500 फीट उंचाई पर स्थित लिपुलेख दर्रे को पार कर तिब्बत में पहुंच गया। 

पंजाब में बृहस्पतिवार को एक जीप के पेड़ से टकराने के कारण उसमें सवार 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी और 13 अन्य घायल हो गये। पुलिस ने बताया कि मरने वालों में दो बच्चे और तीन महिलाएं शामिल हैं।

जयपुर: देवी के भक्तों नवरात्रि में हम आपको अपने पिछले लेखों में देवी के प्रादुर्भाव दुर्गा सप्तशती के तीन अध्यायों के गुप्त रहस्यों की जानकारी दे चुके हैं। बता चुके हैं कि कौन से अध्याय को करने से आप अपनी किस समस्या का छुटकारा पा सकते हैं? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि …

आज महाशिवरात्रि है। भगवान भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, फल आदि चढ़ाने और उनके दर्शनों के लिए सुबह से ही भक्त मंदिरों के बाहर खड़े हुए हैं। जल चढ़ाने के लिए शिवालयों में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा है।

दिव्य कुंभ भव्य कुंभ का श्रद्धालुओं से आध्यात्मिक कनेक्शन एक बार फिर देखने को मिल रहा है। वसंत पंचमी के बाद से जहां मेला समापन की ओर बढ़ा तो वहीं मेले में श्रद्धालुओं की संख्या भी कम होती गई। मेले से संतों के प्रस्थान से भी मेले की रौनक धुंधलाने लगी थी। लेकिन शनिवार को अचानक कुंभ नगर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कुंभ में गंगा यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के दर्शन को उमड़ी तो एक बार फिर आध्यात्मिक, तपोभूमि पर हलचल बढ़ गई है।

धर्म और आध्यात्म की तंबुओ की नगरी में मेला प्रशासन द्वारा व्यवस्थाएं तो खूब की गई। इससे इनकार नहीं किया जा सकता। भीड़  को कन्ट्रोल करने के लिए बल्लियों का एक भूल भुलैया भी बनाया गया लेकिन  भीड़  को उसमें भी उसमें प्रवेश नहीं दिया गया। पूरा शहर स्नानार्थियों की भीड़ से खचाखच भरा था। प्रयागराज जंक्शन से लेकर फोर्ट रोड तक, चौक से लेकर फोर्ट रोड तक और सिविल लाइसं व इलाहाबाद जंक्शन से लेकर मेला क्षेत्र तक जिधर देखो सिर पर गठरी मोठरी लिए श्रद्धालुओं का रेला ही दिख।