dharam

 शाम होते ही निधिवन को बंद करके लोगों को यहां से बाहर निकाल दिए जाते हैं क्योंकि माना जाता है कि यहां प्रत्येक रात को श्री कृष्ण आकर गोपियों संग रासलीला करते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन्हें देखता है तो वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है या उसकी मृत्यु हो जाती है।

विश्व हिंदू परिषद द्वारा अयोध्या में आयोजित धर्म सभा शुरू हो गयी है।विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय ने स्पष्ट कहा है कि अयोध्या में अब जमीन का बंटवारा बर्दाश्त नहीं है।राम जन्म भूमि पर राम लला के भव्य मंदिर निर्माण में आ रही रूकावटों पर संतों का रूख स्पष्ट करने के उद्देश्य से  विहिप द्वारा यहाँ  अयोध्या के बड़ा भक्त महल बगिया में धर्म सभा ​का आयोजन में किया जा रहा है।

जयपुर:भारत में ऐसे कई स्थान हैं जहां रहस्यमयी अौर चमत्कारों की कहानियां सुनने को मिलती हैं। वृंदावन भी इन्ही में एक है, जहां भगवान कृष्ण का बचपन गुजरा था। वहीं पर निधि वन है जहां माना जाता है कि प्रत्येक रात को श्रीकृष्ण देवी राधा और गोपियों के संग रासलीला करते हैं। शाम होते ही निधिवन …

चमोली: उत्‍तराखंड के चमोली में एक ऐसा मंदिर है। जहां साल में सिर्फ एक बार रक्षाबंधन के दिन ही कपाट खुलते हैं। इस मंदिर को भगवान बंशीनारायण के मंदिर के नाम से जानते हैं। इस मंदिर में सालभर में केवल एक दिन ही पूजा होती है। यह मंदिर समुद्रतल से 12 हजार फीट की ऊंचाई …

जयपुर: हमारा धर्म हमें सदगति पर चलने की राह प्रशस्त करता है। हमें परंपराओं से अवगत कराता है।  हिंदू धर्म में कई ऐसी परंपराएं है जिनका पालन सदियों से होता रहा है। उन्हीं परंपराओं का पालन आज भी लोग करते आ रहे हैं अपने से बड़ों के पैर छूते हैं और शादीशुदा महिलाएं आज भी अपने …

जयपुर: पुराणों के अनुसार एकादशी के दिन भगवान विष्णु के अवतार की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। इस दिन दान करने  से हजारों यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है। इस दिन निर्जला व्रत रहा जाता है। जो लोग इस …

चमोली: उत्‍तराखंड के चमोली में एक ऐसा मंदिर है। जहां साल में सिर्फ एक बार रक्षाबंधन के दिन ही कपाट खुलते हैं। इस मंदिर को भगवान बंशीनारायण के मंदिर के नाम से जानते हैं। इस मंदिर में सालभर में केवल एक दिन ही पूजा होती है। यह मंदिर समुद्रतल से 12 हजार फीट की ऊंचाई …

चमोली: उत्‍तराखंड के चमोली में एक ऐसा मंदिर है। जहां साल में सिर्फ एक बार रक्षाबंधन के दिन ही कपाट खुलते हैं। इस मंदिर को भगवान बंशीनारायण के मंदिर  के नाम से जानते हैं। इस मंदिर में सालभर में केवल एक दिन ही पूजा होती है। यह मंदिर समुद्रतल से 12 हजार फीट की ऊंचाई …