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मेरठ में नवजात जुड़वा बच्चों का नाम उनके माता-पिता ने क्वारंटीन और सैनिटाइजर रख दिया है। मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र में पबरसा गांव निवासी एक महिला ने निजी अस्पताल में जुड़वां बेटों को जन्म दिया है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक अलग ही मामला सामने आया है जहां प्राइवेट लैब अपनी जांच में लोगों को कोरोना पॉजिटिव बनाकर उनकी जान जोखिम में डाल रही थी तो वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन ने शक होने पर जांच कराई तो वह जांच नेगेटिव निकली जिसके बाद मेरठ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए लैब का लाइसेंस निरस्त करने के लिए शासन तक पूरा मामला पहुंचा दिया है।

रमजान उल मुबारक महीने का अलविदा (आखिरी) जुमे की नमाज आज घरों में ही अदा की जा रही है, मस्जिदों में जुमे की नमाज में सिर्फ चार से पांच लोग ही अदा करेंगे। बाकी लोग अपने घरों में जुमे के बजाए जोहर की नमाज अदा करेंगे।

आज तक विनीत शारदा फ़ैन्स क्लब ने 10200 मोदी योगी राशन कीट (भोजन सामग्री ) ज़रूरतमंदो को घर घर बाटी जा चुकी है शारदा का कहना है आगे भी भगवान की कृपा से सेवा करते रहेंगे।

मेरठ की इस पावन भूमि से पहली आज़ादी की लड़ाई लड़ी गयी। जिससे ब्रिटिश सेना के पाँव उखाड़े गए थे। अमर शहीद आदरणीय मंगल पाण्डेय जी ने अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर जंगे आज़ादी की लड़ाई लड़ी।

उपचार न मिल पाने के कारण मरीज को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों के परिजन मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर प्रतिदिन उपचार न मिलने का आरोप लगा रहे हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में 17 मई तक लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। लॉकडाउन का सख्ती से पालन और सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करने के लिए सरकार लोगों को लगातार जागरूक कर रही है।

राज्य मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया। जिसके बाद तत्काल मुख्यमंत्री ने पत्र का संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया है। जिसके बाद मेरठ के चिकित्सकों ने राज्य मंत्री सुनील भराला को पत्र लिख उनको धन्यवाद दिया है।

वैष्विक महामारी कोरोना के प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपद के नोडल अधिकारी बनाये गये प्रमुख सचिव टी वेंकटेश ने कहा कि अगर लॉकडाउन खोला जाता है और निर्माण कार्य प्रारम्भ होते है तो उस स्थिति में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को कहां रखा जायेगा इसकी व्यवस्था प्रशासन अभी से करें ।

उत्तर प्रदेश का कोई लाभार्थी अन्य राज्य से और अन्य राज्य का कोई भी लाभार्थी उत्तर प्रदेश से एनएफएसए के तहत बने किसी भी राशन कार्ड की केवल राशन कार्ड संख्या बताकर राशन ले सकता है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सरकार की ओर से कुछ नियम भी बनाए गए हैं।