diwali

प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा वर्ष 2020-21 के लिये दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्कता टैरिफ प्रस्ताव सहित स्लैब परिवर्तन व वर्ष 2018-19 के लिये दाखिल ट्रू-अप पर आज विद्युत नियामक आयोग चेयरमैन आरपी सिंह तथा सदस्यों केके शर्मा व वीके श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुये आदेश जारी किया है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और चाइना के बायकाट के बीच टेराकोटा के उत्पादों को नई उड़ान मिली है। लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं से लेकर डिजाइनर दीयों की खूब धूम है।

एनजीटी के आदेश के अनुपालन में कोई पटाखा फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। सभी पुलिस स्टेशनों को आदेश के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कहा गया है।

धनतेरस पर लोहे से बनी चीजें नहीं खरीदना चाहिए। इस दिन लोहे से बनी चीजें घर पर लाने पर राहु ग्रह की छाया पड़ जाती है जिससे परेशानियां बढ़ने लगती हैं।

पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर ही धनवन्तरि अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। तब से ही धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा चल रही है। आइए जानते हैं कि धनतेरस पर कौन सी चीजें खरीदनी चाहिए।

13 नवंबर को इस साल धनतेरस मनाया जा रहा है। दिवाली से एक दिन पहले होने वाली सोने चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। जहा हम इस दिन बाजारों में खरीदारी करने जाते है वही देश में खानाबदोश या घुमंतू जातियां भी हैं जो पूरे साल इस दिन का इंतज़ार करते है।

पटाखों को प्रतिबंधित करने के संबंध में एनजीटी ने देश के 18 राज्यों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था जिसमें लगभग आधे राज्यों ने तो स्वयं ही पटाखों पर बैन लगा दिया है

बड़ागांव पुलिस और वाणिज्य कर विभाग की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। थाना बड़ागांव पुलिस और वाणिज्य कर विभाग ने हिंदुस्तान फायर वर्क्स रमईपट्टी में छापा मारकर कुल 1048 क्विंटल अवैध पटाखों को जब्त किया है।

लखनऊ नगर निगम इस बार दीपावली के लिए मिट्टी के विशेष पर्यावरण अनुकूल दिए और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बनवा रहा है। इनकी खासियत यह है कि इन सभी दियों और मूर्तियों को गाय के गोबर और मिट्टी के मिश्रण से तैयार किया जा रहा है

पटाखों के बारे में जारी निर्देश में डीजीपी ने कहा है कि वैध लाइसेंस धारकों को ही आतिशबाजी सामग्री विदेशों से आयात करने की अनुमति है। इस तरह बिना लाइसेंस के अवैध आयात को रोका जाए तथा सभी आतिशबाजी कम्पनियों को विस्फोटक अधिनियम 2008 के नियम 84 के तहत अधिकृत किया जाए।