doctor

लोग डॉक्टर्स को भगवान का रूप बताते हैं, क्योंकि भगवान हर जगह नहीं हो सकता है लोगों की मदद के लिए।

जानलेवा वायरस पहले चीन के वुहान शहर में फैला और धीरे-धीरे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। अब इस बीच चीन के एक प्रमुख डॉक्टर ने कोरोना वायरस पर दावा किया है।

दिल्ली एम्स में 25 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर ने 10वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। उसे सीरियस कंडीशन में हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था।

इन झोला छाप डॉक्टरों (वे डॉक्टर जो न तो पंजीकृत हैं और न ही उनके पास उचित डिग्री है) की संस्कृति हमारी स्वास्थ्य प्रणाली के लिये काफी खतरनाक है।

महाराष्ट्र के सतारा की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। सतारा से आंगनबाड़ी में काम करने वाली एक वर्कर अचानक से गायब हो गई।

यह सुनिश्चित किया जाए कि डाॅक्टर व नर्सिंग स्टाफ नियमित राउण्ड लें तथा पैरामेडिक्स द्वारा रोगियों की निरन्तर माॅनिटरिंग की जाए। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने जनपद के चिकित्सालयों का नियमित निरीक्षण करने को कहा।

कोरोना वायरस के संकट से लोगों को बचाने की कोशिश में जुटे डॉक्टर रात दिन काम कर रहे हैं। लगातार काम वह भी पीपीई किट पहने हुये। ये कोई आसान काम नहीं है। डाक्टर कहते हैं कि वायरस बचाव के लिए जरूरी पीपीई किट हमेशा पहने रहना पड़ता है।

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में डाक्टर सबसे बड़ी भूमिका में हैं। लेकिन इन डाक्टरों की कहना है कि यदि सब लोग अपनी जीवन शैली में बदलाव लाएँ तो खुद ही इस जंग को जीत सकते हैं। हमें अपनी पुरानी परंपराओं में लौटना होगा और आदतें बदलनी होंगी।

फ़्रेंड्स कॉलोनी में 13 मई को लाइफ केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक महिला गंभीर हालत में इलाज के लिए भर्ती हुई थी जहां थोड़ी देर बाद डॉक्टर के मुताबिक घर वालों की मंशा अनुसार हालात चिंताजनक देख सैफई पीजीआई के रिफर कर दिया गया लेकिन घर वाले सैफई न ले जाकर एक अन्य निजी अस्पताल में ले गये।

कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि कोरोना पाजिटिव निजी चिकित्सक और उनके स्टाफ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमा जहानाबाद चौकी इंचार्ज की तहरीर पर दर्ज हुआ है