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अमेरिकी राष्ट्रपति ने PM मोदी से बातचीत कर कोरोना से लड़ने में मदद करने के लिए कहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन टेबलेट्स मुहैया कराने का अनुरोध किया है।

दुनियाभर में कोरोना वायरस से मचे हाहाकार के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से शनिवार को फोन पर ख़ास बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों ने कोरोना वायरस के खिलाफ एक मुहीम के तहत जुड़ने और एक दूसरे की मदद करने की सहमति दी।

चीन के बाद पूरी दुनिया में कोरोना वायरस तबाही मचा रहा है। कोरोना वायरस ने अमेरिका को अपनी चपेट में ले लिया है। इस महामारी के कारण अमेरिका में 2 लाख से अधिक लोग बीमार हैं और करीब 6 हजार अपनी जान गंवा चुके हैं।

अमेरिका में इस जानलेवा वायरस से अब तक 2 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। और करीब 4 हजार लोगों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में अमेरिका ने चीन और इटली को काफी पीछे छोड़ दिया है।

अमेरिका में  मास्क  की कमी बताई जा रही है।इसके उपाय के तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि लोग स्कार्फ बांधकर काम चलाएं। मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘ 

पूरी दुनिया में कोरोना का कहर जारी है। अमेरिका में अब तक यानी रविवार सुबह 9 बजे तक कोरोना संक्रमित मामलों का आंकड़ा बढ़कर 124,377 पहुंच गया है।

इस पूरे मामले अमेरिका की शीर्ष स्वास्थ्य एजेंसी बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। जिसने जंगल की आग की तरह महामारी को पूरे अमेरिका में फैलने दिया। अमेरिका में अब तक करीब 44 हजार लोग संक्रमित पाए गए हैं और 560 की मौत हो चुकी है। एक दिन में दस हजार से अधिक नए मामले पता चले हैं।

एक ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया है तो दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह बंदी लागू नहीं करने पर अड़े हुए हैं।

कोरोना वायरस ने दुनियाभर में तबाही मचाई हुई है। सारे देश अपने तरीके से इससे लड़ने के लिए जुटे हुए हैं। इस शक्तिशाली देश की भी हालत खस्ता हो रही है लेकिन राष्ट्रपति ने देश मेंं बंदी करने से मना किया है। आखिर क्यों मना किया, पढ़िए-

कोरोना वायरस से बचने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सलाह मानना एक शख्स के लिए भारी पड़ गया। कोरोना वायरस से बचने के चक्कर में उसकी जान चली गई।