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एक अनुमान के मुताबिक मौत का आंकड़ा लगभग 50 लाख तक का है। अब आप पूछेंगे कि आखिर चीन ऐसा करता क्यों है? तो इसका सीधा सा जवाब है कि चीन में दवा की मांग पूरी हो सके। जी हां, चीन इन गधों को मारकर उनसे दवा बनाना का काम करता है।

अभी कुछ दिन पूर्व ही पाकिस्तान में आर्थिक मामलों के सलाहकार अब्दुल हफीज शेख ने बताया कि देश में गधों की आबादी 55 लाख से ज्यादा हो जायेगी।

लोगों का जुआ खेलना तो कई बार आपने सुना होगा, क्या कभी आपने सुना है गधे के जुआ खेलने के बारे में। इस पर आपका जवाब होगा नहीं क्योंकि बेजुबान जानवर आखिर जुआ कैसे खेल सकता है।

पाकिस्तान के पास भारत के खिलाफ साजिशे रचे के अलावा कोई काम नही है लेकिन अब लग रहा मिल ही पाक को कुछ समय जिसको उसनें वहां पर मेला लगाने में इस्तेमाल कर लिया है। यह गधों का मेला कई कारणों से चर्चा में बना हुआ है।

दूध से बनने वाली भारत ही नही बल्कि दुनिया के हर देश में खायी जाती है। सामान्यत खाई जाने वाली ये पनीर गाय और भैस के दूध से बनाई जाती हैं। जिसकी वजह से यह पनीर स्वाद में जबरदस्त होने के साथ स्वास्थ्यवर्धक भी होती है।

बीजिंग : चीन में निर्मित ‘इजाओं नामक’ औषधि के कारण अफ्रीकी गधों के अस्तित्व पर संकट आ गया है। चीनी बाजार के लिए तस्करों ने इन पशुओं की तस्करी तेज कर दी है। केन्या जैसे देश में जहां गधे ही प्रमुख पालतू जानवर हैं , बहुत ही गंभीर स्थिति पैदा हो गयी है। हालत ये …

यूपी विधानसभा चुनाव- 2017 के पांचवे चरण के चुनाव प्रचार के लिए गुरूवार (23 फरवरी) को पीएम नरेंद्र मोदी बहराइच में जनसभा को संबोधित किया।

आगरा: समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भले ही सच्चे समाजवादी होने का दावा करते हों, लेकिन आगरा में इन सपा कार्यकर्ताओं का एक नया चेहरा सामने आया है। यहां प्रदर्शन के लिए 2 गधे मंगवाए गए थे। लेकिन किसी कारण वहां प्रदर्शन नहीं हो सका। प्रदर्शन के लिए बुलाएं गए गधों और उसके  मालिक (शिव …

रायपुरः राहुल गांधी को गधा कहने वाले छत्तीसगढ़ के विधायक आरके राय को कांग्रेस ने सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद राय ने फिर कांग्रेस उपाध्यक्ष पर अशोभनीय टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वो गधे को घोड़ा नहीं कहेंगे, भले ही पार्टी से निकाल दिया जाए। बता दें कि आरके राय बीते काफी दिनों से …

कौशाम्‍बी: कभी किसी चीज को बेकार नहीं समझना चाहिए। कहते हैं कि बंद घड़ी भी दिन में दो बार सही समय बताती है। ठीक उसी तरह भले ही आम लोगों की नजरों में गधों का कोई मोल हो या न हो, लेकिन देश के कुछ कुछ कोनों में गधों के भी अच्‍छे कद्रदान मौजूद हैं। …