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देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच फ्रंटलाइन योध्दा अपनी सहभागिता दिखा रहे हैं। डॉक्टर्स के साथ ही इस संकट की घड़ी में शिक्षकों भी काफी योगदान दे रहे हैं।

सैय्यद अख्तर हुसैन रिजवी उर्फ़ कैफ़ी आजमी एक उर्दू-हिंदी शायर और लाखों दिलों की धड़कन है। उनके शब्द आज भी लोगों के दिलोंदिमाग में गूंजते हैं। उन्होंने हिन्दी फिल्मों के लिए भी कई प्रसिद्ध गीत व ग़ज़लें भी लिखीं, जिनमें देशभक्ति का अमर गीत -"कर चले हम फिदा, जान-ओ-तन साथियों" भी शामिल है।

आज यानी 22 दिसंबर से उत्तरी गोलार्द्ध में सर्दियों के मौसम की शुरुआत हो चुकी है, जो कि 20 मार्च 2020 तक चलेगी। इस मौके पर गूगल ने एक प्यारा सा डूडल तैयार किया है।

गूगल ने आज अपना डूडल चेंज किया है। सर्च इंजन गूगल ने जोसेफ एंटोइन फर्डिनेंड प्लेटू को सम्मानित किया है। जोसेफ एंटोइन का आज 218 जन्मदिन है। ये बेल्जियम के भौतिकशास्त्री थे। इन्होंने एक ऐसा आविष्कार किया था, जिसका इस्तेमाल फिल्मों में एनीमेशन लाने के लिए किया जाता था।

अपने बाद के जीवन में, वह कुछ वर्षों तक हजारीबाग में रहीं। उस छोटे से शहर में, वह अक्सर महेश चन्द्र घोष और धीरेंद्रनाथ चौधरी जैसे विद्वानों के साथ साहित्यिक और अन्य विषयों पर चर्चा करती थे। 27 सितंबर 1933 को उनकी मृत्यु हो गई।

साल 2015 में BB King 89 साल के थे। उन्होंने 2015 मई में अपनी अंतिम सांस ली। दरअसल वह हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज थे। नींद के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई थी।

मुथु को साल 1927 में मद्रास लेजिस्लेटिव काउंसिल से देश की पहली महिला विधायक बनने का गौरव भी हासिल हुआ। उन्हें समाज और औरतों के लिए किए गए अपने काम के लिए काउन्सिल में जगह दी गई थी।

सर्च इंजन के मुख पृष्ठ पर अंग्रेजी में नीले, लाल, पीले और हरे रंगे में गूगल लिखा है। गूगल के हिज्जे के तीसरे अक्षर (अंग्रेजी के) ‘ओ’ पर एक उंगली दिख रही है, जिसके नाखून पर स्याही लगी है। भारत में वोट डालने के बाद यह स्याही मतदाताओं की उंगली पर लगाई जाती है।

जयपुर: 14 फरवरी वैलेंटाइन डे का दिन  है, लेकिन प्यार के इस पर्व में गूगल ने आज का अपना डूडल फेमस खूबसूरत एक्ट्रेस मधुबाला के नाम कर दिया है। गूगल ने अपने डूडल पर मधुबाला की एक बेहतरीन स्केच लगाई है। मधुबाला की आज 86वीं जयंती है। मधुबाला का जन्म 14 फरवरी 1933 को दिल्ली …

लखनऊ। ट्विटर ने जहां गांधी पर इमोजी बनाई है वहीं google doodle ढूंढने वालों को निराशा मिली। कुछ लोगों को यह भी लगा कि शायद गूगल ने गांधी को भुला दिया। तो आइये आपको बताते हैं कि गूगल पर किसी भी व्यक्ति पर एक ही बार डूडल लगता है और google doodle नहीं बनाता है …