durga

नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर बहुत ही विधि-विधान से माता दुर्गा के 9 रूपों की उपासना की जाती है। इसका दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का होता है, जिन्होंने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। कठिन तपस्या करने के कारण देवी को तपश्चारिणी अर्थात्‌ ब्रह्मचारिणी नाम  दिया गया।

अक्सर अपने बयानों, वीडियो और तस्वीरों से विवादों में रहने वाली सोफिया हयात एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार सोफिया ने कुछ ऐसी हरकत की है कि ट्रोलर्स उनका पीछा छोड़ने के मूड में बिल्कुल भी नहीं है। वे लगातार सोफिया की पोस्ट पर कमेन्ट कर रहे हैं और उन्हें बुरा भला कह रहे है।

जयपुर: नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर बहुत ही विधि-विधान से माता दुर्गा के 9 रूपों की उपासना की जाती है। इसका दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का होता है, जिन्होंने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। कठिन तपस्या करने के कारण देवी को तपश्चारिणी अर्थात्‌ ब्रह्मचारिणी नाम …

जयपुर: नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर बहुत ही विधि-विधान से माता दुर्गा के 9 रूपों की उपासना की जाती है। इसका दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का होता है, जिन्होंने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। कठिन तपस्या करने के कारण देवी को तपश्चारिणी अर्थात्‌ ब्रह्मचारिणी नाम …

जयपुर:नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है। शैल का अर्थ पर्वत होता है और मां का ये स्वरुप हिमालय की पुत्री का है इसलिए देवी का नाम शैलपुत्री पड़ा। यह माता सती का ही रुप है। ऐसा माना जाता है कि प्रजापति दक्ष ने शिव का अपमान करने के लिए एक …

शारदीय नवरात्र में नौ दिन से चले दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन का आयोजन राजधानी लखनऊ में बड़ी धूमधाम से किया गया।

लखनऊ: नवरात्रि में चौथे दिन देवी के रूप कूष्मांडा  की पूजा की जाती है। ब्रह्मांड को जन्म देने के कारण इस देवी को कूष्मांडा कहा जाता है। जब सृष्टि नहीं थी, चारों तरफ अंधकार ही अंधकार था, तब इसी देवी ने अपने हास्य से ब्रह्मांड की रचना की थी। इसीलिए इसे सृष्टि की आदि स्वरूपा …

लखनऊ: नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर बहुत ही विधि-विधान से माता दुर्गा के 9 रूपों की उपासना की जाती है। इसका दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का होता है, जिन्होंने भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। कठिन तपस्या करने के कारण देवी को तपश्चारिणी अर्थात्‌ ब्रह्मचारिणी नाम …

बलरामपुर: बलरामपुर से 28 किलोमीटर की दूरी पर तुलसीपुर क्षेत्र में स्थित 51 शक्तिपीठ में एक शक्तिपीठ देवीपाटन का अपना एक अलग ही स्थान है। अपनी मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के आधार पर जाना जाने वाले इस शक्तिपीठ का संबंध देवी सती, भगवान शंकर, गोखक्षनाथ के पीठाधीश्वर गोरक्षनाथ जी महराज सहित दान वीर कर्ण से …

कानपुर: जंगली देवी मंदिर की मूर्ति के पीछे बनी नाली में ईंट रखने के बाद उस ईंट को निर्माणाधीन मकान में लगाने से दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की होती है, ऐसी है जंगली देवी मंदिर की मान्यता। साथ ही जो भी भक्त पूरी श्रद्धा के साथ माता के चेहरे को निहारता है,धीरे-धीरे माता की प्रतिमा …