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साल 2020 दुनियाभर के लिए इतिहास और यादगार रहने वाला साल है। ये साल अभी तक किसी देश के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए मुसीबतों और दुख-दर्द से भरा रहा है।

धरती की तरफ बड़ा खतरा पैर पसार रहा है। ये खतरा 6 सितंबर को धरती पर अपने कदम रखेगा। मिस्र के पिरामिड से काफी बड़ा विशालकाय एस्टेरॉयड बहुत तेज गति से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है।

एस्टेरॉयड(क्षुद्रग्रहों) के पृथ्वी के पास से गुजरने पर कुछ समय के लिए सबकी निगाहें उसी पर टिकी रहती हैं। लगभग हर महीने कुछ एस्टेरॉयड पृथ्वी के नजदीक से गुजरते ही हैं। हालाकिं इस महीने यानी सितंबर में पहले हफ्ते से ही एस्टेरॉयड के पृथ्वी के पास आने की चर्चाएं जोरो-शोरों पर हैं।

अमेरिका के इलिनोइस यूनिवर्सिटी और अर्बाना कैपेन के एस्ट्रोनॉमी और फिजिक्स के प्रोफेसर ब्रायन फील्ड्स के अध्ययन में खगोलीय घटनाओं का अन्वेषण किया गया जो 35.9 करोड़ साल पहले हुए विनाश और उन्मूलन के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। यह डेवोनियन और कार्बोनिफेरस काल के बीच का समय था।

14 से 20 जुलाई तक का समय खगोल विज्ञान में खास रहने वाला है। इन सात दिनों में 3 बड़ी खगोलीय घटनाएं हो रही हैं। 14 जुलाई की रात सूर्य और गुरु के बीच पृथ्वी आ जाएगी। इसे जुपिटर एट अपोजिशन कहा जाता है। 2020 से पहले ये घटना 2000 में हुई थी। आगे 2040 में फिर ये स्थिति बनेगी।

 धरती पर आ रहा बड़ा खतरा उसके बगल से निकल गया है। जीं हां अंतरिक्ष से आ रहा एस्टेरॉयड मतलब की उल्कापिंड बिल्कुल धरती के बगल से निकल गया।

इस साल यानी 2020 से लोग वैसे ही डरे हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं की वजह से लोगों डर बना हुआ है। ऐसे में एक और नई आफत खड़ी हो गई है। केवल 2 दिन बाद धरती के बहुत पास से एक बड़ा भीषण एस्टेरॉयड निकलेगा।

क्या-क्या तबाही मचाएंगा ये साल 2020। इस साल यानी 2020 में महामारी कोरोना वायरस, कितने चक्रवाती तूफान और कितनी बार भूकंप ने इस धरती को दहलाया है।

अंटार्कटिका में उल्कापिंडों की गिनती बाकी जगहों से आसान होती है। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि अगर उल्कापिंड बर्फ के अंदर चला गया तो उसे खोजना मुश्किल हो जाता है। बर्फ भी टूटकर सागर में बह जाती है।

बीते कई दिनों से धरती में हैरान कर देने वाली हलचलों ने सभी डरा के रख दिया है। धरती में कुछ ऐसे परिवर्तन हो रहे हैं जोकि बेहद खतरनाक हैं। जमीन के एक बड़े हिस्से में धरती का मैग्नेटिक शक्ति धीरे-धीरे कमजोर हो गई है।