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 धरती पर आ रहा बड़ा खतरा उसके बगल से निकल गया है। जीं हां अंतरिक्ष से आ रहा एस्टेरॉयड मतलब की उल्कापिंड बिल्कुल धरती के बगल से निकल गया।

इस साल यानी 2020 से लोग वैसे ही डरे हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं की वजह से लोगों डर बना हुआ है। ऐसे में एक और नई आफत खड़ी हो गई है। केवल 2 दिन बाद धरती के बहुत पास से एक बड़ा भीषण एस्टेरॉयड निकलेगा।

क्या-क्या तबाही मचाएंगा ये साल 2020। इस साल यानी 2020 में महामारी कोरोना वायरस, कितने चक्रवाती तूफान और कितनी बार भूकंप ने इस धरती को दहलाया है।

अंटार्कटिका में उल्कापिंडों की गिनती बाकी जगहों से आसान होती है। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि अगर उल्कापिंड बर्फ के अंदर चला गया तो उसे खोजना मुश्किल हो जाता है। बर्फ भी टूटकर सागर में बह जाती है।

बीते कई दिनों से धरती में हैरान कर देने वाली हलचलों ने सभी डरा के रख दिया है। धरती में कुछ ऐसे परिवर्तन हो रहे हैं जोकि बेहद खतरनाक हैं। जमीन के एक बड़े हिस्से में धरती का मैग्नेटिक शक्ति धीरे-धीरे कमजोर हो गई है।

वैज्ञानिकों ने एक बड़ी खोज की है। उन्होंने एक धरती जैसा ग्रह खोज निकाला है, जो धरती से 25 हजार प्रकाश वर्ष दूर मिला है। इस ग्रह (exoplanet) की खोज न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने की है।

 ये कैसी आफत के खबरे आ रही है.....क्या धरती पर स्थित पहाड़ों की ऊंचाई बढ़ रही है? क्या वास्तव में  धीरे-धीरे जमीन खिसक रही है? क्या कहीं ये तो नहीं कि धरती की टेट्टोनिक्स प्लेटें खिसकने से पहाड़ों की ऊंचाई बढ़ रही है।

अमेरिका की अंतरिक्ष रिसर्च एजेंसी और वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि दूसरे ग्रहों से लाए गए नमूने पृथ्वी पर किसी नए वायरस का खतरा बढ़ा सकते हैं।

दुनिया पिछले बीस साल से सार्स, मर्स, इबोला, निपाह और अब कोरोना वायरस का प्रकोप झेल रही है। एक के बाद एक सामने आ रहे खतरनाक और अनजान वायरस के सामने वैज्ञानिक बेबस नजर आ रहे हैं। एक अनुमान है कि धरती पर करीब 10 खरब वायरस हैं।

जलवायु परिवर्तन का असर अब धरती पर दिखाई देने लगा है। प्राकृतिक आपातकाल जारी है और हमारी धरती बड़े खतरे में हैं। क्योंकि आर्कटिक में मौजूद सबसे पुराना और सबसे स्थिर आइसबर्ग तेजी से पिघल रहा है। 130 देशों के 11 हजार वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है।