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वैज्ञानिकों ने एक ऐसी आकाशगंगा के अस्तित्व को खोज निकाला है जिसकी मौत धीरे-धीरे हो रही है। बता दें, ऐसा पहली बार हुआ है कि जब वैज्ञानिक (Scientist) किसी आकाशगंगा को मरते (Galaxy Death) हुए देख रहे हैं।

सबसे बड़े क्षुद्रग्रह (Asteroid) का नाम 2008 एएफ4 है। उसकी लंबाई करीब आधा किलोमीटर है। खबर यह भी आ रही है कि अगर ये क्षुद्रग्रह (Asteroid) पृथ्वी (Earth) से टकराए तो इसका असर परमाणु हमले जैसा होगा।

वैज्ञानिक परेशान है कि इसे किस तरह से मैनेज किया जाए। इस वक्त धरती सामान्य गति से तेज गति से चल रही है। 24 घंटे से पहले धरती अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा कर रही है। बता दें, धरती में तेजी से ये परिवर्तन बीते साल के मध्य में आया था।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एस्ट्रोनॉमी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर अवी लोएब का दावा है कि धरती की तरफ आने वाले उल्कापिंड या एस्टेरॉयड को एलियन्स फेंक रहे हैं।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा(NASA) के अनुसार, 5 लाख से ज्यादा मलबे के टुकड़े हमारी धरती के इधर-उधर चक्कर काट रहे हैं। मलबे के इन टुकड़ों में से कई तेज गति पर घूम रहे हैं जिनकी वजह से हमारी सैटलाइट्स या स्पेसक्राफ्ट तक को काफी नुकसान पहुंच सकता है।

धरती के वातावरण में उल्कापिंड के टूटने से एक कुछ सेकेंड्स के लिए बहुत तेज चमकदार रोशनी दिखाई दी। ऐसे में सोशल मीडिया पर सोनिक बूम नाम के इस प्रोसेस का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने चांगई-5 स्पेसक्राफ्ट को चांद की उस सतह पर उतारा था, जहां पर करोड़ों साल पहले ज्वालामुखी होते थे। ये चांद का उत्तर-पश्चिम का इलाका है, जो हमें आंखों से दिखाई देता है।

29 नवंबर को उल्कापिंड 90,000 किमी/घंटा की गति से पृथ्वी के पास से गुजरेगा। उल्कापिंड 2000 WO107 दुबई में बुर्ज खलीफा जितना लंबा है और रविवार को लगभग रात 9.09 बजे (एईटीडी) इसके पृथ्वी के करीब से गुजरने की उम्मीद है।

2020 दुनिया को व्यापक स्तर पर तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा। कभी क्लाइमेंट चेंज तो कोरोना वायरस का संक्रमण इस तरह से कोई न कोई परेशानी लगभग अभी तक बनी हुई ही है। अब जब ये साल खत्म होने की कगार पर है तो कुछ समय पहले एक उल्कापिंड पृथ्वी की तरफ अपने कदम बढ़ा रहा है।

पहले नासा की गणना के अनुसार ये भविष्यवाणी की गई थी कि एस्टेरॉयड एपोफिस 13 अप्रैल 2029 को धरती के बगल से गुजरेगा। यह उस समय धरती से मात्र 31 हजार किलोमीटर की दूरी से निकल जाएगा।