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आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों जैसे- महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु के केवल सात जिलों की ही राष्ट्रीय आर्थिक उत्पादन (National economic output) में 30.5 फीसदी हिस्सेदारी है।

कोरोना संकट काल में लड़खड़ाती अर्थव्यव्स्था को पटरी पर लाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने कमान अपने हाथों में ले ली है। अर्थव्यवस्था को संकट से कैसे उबारा जाए, इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है।

केंद्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाये गये इन कदमों के असर अब जमीन पर भी दिखना शुरु हो गये है और अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर आने लगी है।

देश-दुनिया में कोरोनावायरस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। 25 मार्च से लागू लॉकडाउन के बाद भी देशभर में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।  बता दें कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए हर जगह लॉकडाउन जारी है,

भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने दावा किया है कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर नही पड़ा है।

इंडियन आयल कॉर्पोरेशन ने बताया कि उसकी रिफाइनरियों में अब उनकी स्थापित क्षमता के 83 फीसदी तक उत्पादन होने लगा है। कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद से ईंधन की मांग बढ़कर करीब दोगुनी हो गई है।

कोरोना संकट और अनलाॅक 1 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुरुवार को एक बार फिर लोगों को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के विशेष कार्यक्रम में हो रहा है।

कोरोना वायरस ने हमारे देश की अर्थव्यवस्था को जो जख्म  दिए हैं, उन्हें भरने का समय अब आ गया है। मानसून ने भारत में दस्तक दे दी है। केरल में इस समय अच्छी बारिश हो रही है। यूपी, बिहार और देश के बाकी राज्यों में भी मानसून जल्द ही दस्तक देने वाला है।

देश में कोरोना वायरस के चलते बीते दो महीनों से लॉकडाउन लागू है। ऐसे में पहले से ही सुस्त पड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था को और अधिक नुकसान झेलना पड़ा है।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा है कि इन्वेस्टर्स समिट में आये नए निवेश प्रस्तावों में से लगभग 50 प्रतिशत उद्योगों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है।