Emergency

मॉरीशस के बीच जो हमेशा से साफ पानी के लिए मशहूर थे, जब उनका पानी काला हो गया है। समुद्र के इस काले पानी की हजारों लोग सफाई करने में लगे हुए हैं। मॉरीशस की खूबसूरती वहां के समुद्र तटों की वजह से और बढ़ जाती है।

आपातकाल के 45 साल के बाद यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है कि क्या देश में आज भी आपातकाल लगा हुआ है या आपातकाल-जैसी ही स्थिति बनी हुई है ?

प्रधानमंत्री ने टाइम्स ऑफ़ इण्डिया के चेयरमैन अशोक जैन को खुद आदेश दिया कि काबीना के इस निर्णय के तहत पिताजी को सवेतन वापस लिया जाय। अतः टाइम्स ऑफ़ इण्डिया जो आम तौर पर भारत के श्रम कानून की खिल्ली उड़ाता रहता है, को मानना पड़ा। वह केन्द्रीय सरकार के निर्णय की अवहेलना करने से सहमा और तब पिताजी लखनऊ में संवाददाता के रूप में कार्यरत हो गये (फरवरी 1978)। हमारें परिवार की यह गाथा है।

पिछले साढ़े चार दशक से उस काग़ज़ को सहेजे हुए हूँ। इस बीच कई काम, मालिक, शहर और मकान बदल गए पर जो कुछ काग़ज़ तमाम यात्राओं में बटोरे गए वे कभी साथ छोड़कर नहीं गए। बीता हुआ याद करने के लिए जब लोग कम होते जाते हैं, ये काग़ज़ के क़ीमती पुर्ज़े ही स्मृतियों को सहारा और सांसें देते हैं।

उनको ये बात खराब लगने की वजह यह थी कि देश के विभाजन के बाद आए शरणार्थियों को उनहोंने पं. जवाहर लाल नेहरू के विरोध को दरकिनार कर हरिद्वार में बसाया था। देश की आजादी से पहले क्रांति की अलख जगाने में जुटे रहने के कारण घर की तमाम बार कुर्की हुई। अनगिनत बार जेल गए।

आपातकाल के 45वीं बरसी पर गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस में लोकतंत्र बहाल नहीं हो पाया है। कांग्रेस में नेता घुटन महसूस कर रहे हैं।

लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन भारत के लिए एक काला दिन है। इसी दिन इंदिरा गांधी के कहने पर तत्कालीन राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद ने देश में आपातकाल लगायी था। आज इस घटना के 45 साल हो चुके हैं। लेकिन इसे लेकर भाजपा कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका नहीं छोड़ती है।

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में 45 साल पहले 25 जून 1975 का दिन सबसे काला दिन माना जाता है क्योंकि उसी दिन देश को आपातकाल का दंश झेलना पड़ा था।

इस वक्त की बड़ी खबर रूस से आ रही है। यहां एक पावर प्लांट से 20 हजार टन डीजल बाहर फैल गया है। सड़क पर हर तरह तेल ही तेल नजर आ रहा है। इसे देखते हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साइबेरिया में आपातकाल की घोषणा कर दी है।

भारत को कोरोना वायरस से निपटने के लिए विश्व बैंक ने बृहस्पतिवार को एक अरब डॉलर की आपातकालीन वित्तीय सहायता के लिए मंजूरी दे दी। विश्व बैंक की सहायता परियोजनाओं के 1.9 अरब डॉलर के पहले सेट में 25 देशों की मदद की जाएगी और 40 से अधिक देशों में त्वरित गति से नये अभियान आगे बढ़ाये जा रहे हैं।