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ज्यादातर यही होता देखा गया है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले नौकरीपेशा लोग केवल ग्रेच्यूटी के इंतजार में ही लगातार 5 साल तक एक ही कंपनी में रह जाते हैं। अगर किसी वजह से उन्हें अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी या छूट गई तो उन्हें ग्रेच्युटी का फायदा नहीं मिल पाता है।

इप्सेफ ने केंद्र सरकार पर उपेक्षापूर्ण और नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए आगामी 14 अक्टूबर को देश के सभी जिलों में प्रदर्शन किए जाने का एलान किया है।

इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने सभी कर्मचारियों के लिए वर्तमान व्यवस्था के तहत विशेष ग्रेड पे के आधार पर नाइड ड्यूटी अलाउंस को खत्म कर दिया है।

देश में कोरोना वायरस महामारी के दौर में मददगार बनी सरकारी एयर लाइन कंपनी एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। जीं हां एयर इंडिया के कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की जाएगी।

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 72 दिन का लॉकडाउन किया था। अब तो लॉकडाउन हटाकर अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन की वजह से बंद पड़ी कंपनियों ने अब फिर से काम को लेकर रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि महामारी को ध्यान में रखते हुए कोई भी चीज पहले जैसी न रही।

लॉक डाउन ख़त्म होते ही आज प्रशासन द्वारा जारी किये गए आदेश के बाद आज से विधानसभा खुला गया, सभी कर्मचारी आज कार्यालय पहुंचे ।

अपने भत्तो में कटौती केा लेककर नाराज चल रहे राज्य कर्मचारियेां को योगी सरकार ने करारा झटका दिया है। सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया कि चूंकि राज्य सरकार का यह समाधान हो गया है कि लोक हित में ऐसा करना आवश्यक है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आव्हान पर आज मेरठ में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों ने भत्ते खत्म करने के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और 25 मई तक ऐसे ही ध्यान आकर्षण को काली पट्टी बांधकर काम करने का आह्वान किया।