employment

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 26 जून को एक रिकॉर्ड बनाने जा रही है। दरअसल, योगी सरकार शुक्रवार यानी 26 जून को एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का प्लान बना रही है।

जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुये बताया कि यह योजना पूर्ण रूप से आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है

मोदी सरकार मजदूरों के लिए एक खास अभियान शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत घर वापसी करने वाले मजदूरों को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। कामगारों को 25 प्रकार के काम दिये जाएंगे।

नोएडा की गारमेंट्स इंडस्ट्री को रफ्तार देने के लिए 25 हजार टेलर को रोजगार मिलेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री 16 जून को लखनऊ में 1.35 लाख प्रवासी कामगरों को ऑफर लेटर देंगे।

लॉकडाउन के मद्देनजर बेरोजगारी की कगार पर आये श्रमिकों को इस दौरान रोजगार उपलब्ध कराना चुनौती पूर्ण काम था, जिसमें छत्तीसगढ़ अव्वल रहा। छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले दो महीने की अवधि में सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया।

बिहार लौटे मजदूर अब अपने ही गृह राज्य से पलायन कर रहे हैं। मजदूरों ने दिल्ली-पंजाब और बेंगलुरु की बसें पकड़कर रवानगी शुरू कर दी है।

लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों के बिहार लौटने का सिलसिला जारी है। आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक तीस लाख से अधिक मजदूरों की प्रदेश वापसी हो चुकी है।

मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में मंडलीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागों का फोकस श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर हो।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जल्द ही उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में प्रदेश के कामगारों/श्रमिकों को सेवायोजित करने के लिए एक माइग्रेशन कमीशन गठित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलान किया कि जो अन्य राज्य उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के इक्छुक हैं, वह यूपी सरकार से इसकी मंजूरी लेंगे।