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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जल्द ही उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में प्रदेश के कामगारों/श्रमिकों को सेवायोजित करने के लिए एक माइग्रेशन कमीशन गठित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलान किया कि जो अन्य राज्य उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के इक्छुक हैं, वह यूपी सरकार से इसकी मंजूरी लेंगे।

गर्म सलाखों जैसी तपती सडक़ पर पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर की दूरी नापने वाले बेबस मजदूरों की बेबसी इन दिनों सभी की जुबान पर है। वे गांव पहुंच रहे हैं। दुत्कारे जा रहे हैं। कोई गांव की दहलीज पर क्वारंटीन होने को मजबूर है तो कोई घर वालों की बेरुखी से बेगाना बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में मजदूरों को मनरेगा के तहत एक फीसदी परिवारों को भी 100 दिन का काम नहीं मिला है। दावे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन सब हवा-हवाई साबित होते हैं।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए प्रदेश भर के ग्राम रोजगार सेवकों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याएं दूर करने का आश्वासन भी दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि कोरोना महामारी से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के चलते अन्य प्रदेशों में कार्यरत उत्तर प्रदेश के श्रमिक वापस राज्य लौट रहे हैं। ऐसे में, उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराना होगा।

कुछ लोगों में योग्यता होती है और परिश्रम करने की क्षमता भी होती है इसके बावजूद भी उसे नौकरी से नहीं मिलती है और लगी लगाई नौकरी भी हाथ से चली जाती है और बेरोजगार घूमना पड़ता हैं। ऐसे में व्यक्ति को जरूरत होती हैं अपनी किस्मत को प्रबल करने की। हर कोई आजकल नौकरी की तलाश में परेशान है।

महामारी की वजह से उत्तर प्रदेश में लाखों मजदूरों व युवाओं का काम-धंधा छिन गया। लॉकडाउन का दूसरा महीना चल रहा है, ज्यादातर बेरोजगार होकर घर बैठे हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा दूसरे प्रदेशों से लौटे 15 लाख श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए सरकार कार्ययोजना तैयार कर रही है।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देश भर में लागू लाकडाउन के दौरान शहरी क्षत्रों से ग्रामीण इलाकों में लौटे लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।