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नौकरी करने वालों को जल्द ही मिल सकती है खुशबरी। जानकारी के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अगले 24 घंटे में नौकरी करने वालों एक बड़ी खुशखबरी दे सकता है

मौजूदा समय में अधिकतम बीमा राशि को मौजूदा 6 लाख रुपये को  बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है जबकि न्यूनतम बीमा राशि मौजूदा 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 4 लाख रुपये हो सकती है।

ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) ने शुक्रवार को ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के कामगारों को अब यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) सृजित करने के लिए ऑनलाइन सुविधा पेश की है। इससे कर्मचारी खुद ही ऑनलाइन तरीके से यूनिवर्सल अकाउंट नंबर प्राप्त कर सकेंगे।

6 करोड़ शेयर होल्डर्स के खाते में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन(epfo) ने इंट्रेस्ट की राशि देनी शुरू कर दी है। लेकिन साथ ही ईपीएफओ ने अकाउंट होल्डर्स को चेतावनी दी है कि धोखा करने वाले लोग ईपीएफओ का कर्मचारी बनकर पर्सनल डीटेल आधार नंबर, पैन नंबर या यूएएन नंबर

मिस्‍ड कॉल के जरिए अपना पीएफ बैलेंस बहुत आसानी से पता कर सकते हैं। सबसे पहले आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 011-22901406 पर मिस कॉल करनी होगी।

श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि ईपीएफओ जल्द अपने 6 करोड़ सदस्यों के खातों में ब्याज को क्रेडिट करेगा । श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दिया है। दिवाली के त्यौहार से पहले  ईपीएफ खाताधारकों के खातों में ट्रांसफर किए जाने की उम्मीद है ।

यहां पर आप इसकी जानकारी ले सकते हैं कि आपके PF Account में कितनी राशि जमा है और कंपनी ने अपनी ओर से कितनी राशि जमा की है। आपको यहां ये भी पता चल जाएगा कि आपको कितना इंटरेस्ट मिला है।

देश में सभी नौकरी करने वालों का अपना प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) अकाउंट होता है। पहले पीएफ अकाउंट से पैसे निकालने में ग्राहकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पैसा आसानी से निकाला जा सकता है। पहले पैसे निकालने में कई सप्ताह लग जाते थे।

ईपीएफओ की ओर से मिलने वाले पेंशन पर आए केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी कर रहा है।

ईपीएफओ ने कहा है कि उसकी ताजा रिपोर्ट में मार्च 2018 के आंकड़ों में सबसे ज्यादा संशोधन सामने आया है। इसमें 55,934 सदस्य ईपीएफओ की सदस्यता से बाहर हुये। इससे पहले पिछले महीने जारी आंकड़ों में बताया गया था कि मार्च 2018 में 29,023 अंशधारकों ने ईपीएफ योजना को छोड़ा है।