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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक साथ 6 अर्थियां उठीं, जिसे देख हर किसी की आंखे भरभराकर छलक गई। जिले के इस परिवार में मातम से बस कुछ ही घंटे पहले जिंदगी के आगे बढ़ने की खुशी पर जन्मदिन मनाया जा रहा था, लेकिन किसी को ये नहीं पता था, कि ये आखिरी जन्मदिन होगा।

लॉकडाउन के दौरान एक तरफ जहां पूरी दुनिया का काम ठप हो गया था, वहीं घर में परिवार संभाल रही महिलाओं का काम पहले से चार गुना बढ़ गया था। महिलाएं पूरा दिन घर के सभी सदस्यों के अच्छे खान-पान के लिए तो लगी रखती हीं, साथ ही घर में बैठे-बैठ मानसिक अवसाद से सभी को बचाने के लिए मनोरंजन का भी विशेष ध्यान रखती।

एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक इंसान ने अपने ही परिवार के लोगों पर ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। इस आरोपी शख्स ने धारदार हथियार से अपनी एक पुत्री और तीन पुत्रों को मिलाकर चार लोगों की हत्या कर दी।

लॉकडाउन कुछ दिनों या कुछ महिनों बाद खत्म हो जाएगा। लोग नॉर्मल तो नहीं, लेकिन कुछ सावधानियों के साथ जिंदगी जीने लगेंगे। सफर पर निकलने लगेंगे और ऑफिस भी जाना शुरु कर देंगे। लेकिन सबसे ज्यादा जो परेशानी की बात है वो सफर है।

यूपी के कन्नौज में एक गांव ऐसा भी है जहां तीन पीढियां कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में हैं। बुजुर्ग और दो बेटों में तो पहली शिफ्ट में हुई जांच में कोरोना की पुष्टि हो गई थी, उसके बाद बुजुर्ग दम्पति ही पॉजिटिव हो गए।

बच्चे के लिए तो सारी दुनिया उसके पेरेंट्स के इर्द-गिर्द ही होती है, लेकिन इस बात की अहमियत समझने की भी ज़रूरत है कि हर रिश्ते का अपना महत्व होता है। सो अपने बच्चे को पहले खुद समझें और फिर उसे परिवार का महत्व समझाएं।कभी भी अपने टीनएज किड, यानी किशोर होते बच्चे की तुलना किसी भी दूसरे बच्चे से न करें।

बच्चों के दिमाग पर घर के माहौल का असर पड़ता है। इसके लिए माता-पिता को विशेष ध्यान रखना चाहिए। माता-पिता और घर के बाकी सदस्यों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह कोई भी ऐसा काम न करें, जिसका बुरा असर बच्चों पर पड़े। 

निर्भया गैंगरेप केस के दोषियों की फांसी एक बार फिर टल गई है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने कुछ दोषियों के पास कानूनी विकल्प बचे होने के आधार पर शुक्रवार को डेथ वॉरंट पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी।

श्रीलंका में इस बार एक परिवार से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री बन गए है। ऐसा नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे ने अपने बड़े भाई महिंदा राजपक्षे को फिर से श्रीलंका का प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया है।