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किसान आन्दोलन में ध्यान देने वाली बात ये है कि यहां किसानों की थकान दूर करने के लिए दिन भर चाय वितरित की जाती है। चाय को तैयार करने के बाद उसे 300 किलो के टैंक में भर दिया जाता है।

सिन्धु बॉर्डर से पकड़े गए योगेश ने किसानों पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं । उसने अपनी सफाई में कहा है कि किसान आंदोलन में प्रदर्शन कर रहे लोगों के दबाव में उसने हत्या की बात कही थी।

मंगलवार को टिकरी बॉर्डर पर जहरीला पदार्थ खाने वाले किसान की देर रात संजय गांधी अस्पताल में इलाज के चलते मौत हो गई। बताया जा रहा कि उसने कल मुख्य मंच के नजदीक जहर खाया था।

जानकारी के अनुसार, सरकार ने दिसंबर में ही किसानों की 7वीं किस्त जारी कर चुकी है, जिसमें से करीब 3.61 हजार किसानों के खातें तक यह किस्त नहीं पहुंची हैं। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि 2,05,831 किसानों का पेमेंट फेल हो गया है।

किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू का कहना है कि हम अपनी रैली से गणतंत्र दिवस की परेड को परेशान नहीं करेंगे, हम अलग इलाके में अपनी रैली निकालेंगे। अगर पुलिस रोकती है, तो हम फिर भी ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।

ऐसा आस लगाया जा रहा है कि जल्द ही आयोजन के तिथि और जगह की भी घोषणा हो जाएगी। वैसे हो सकता है कि इसकी डेट 13 और 14 फरवरी हो सकती है।

बलदेव सिंह सिरसा से ये पूछताछ अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस के एक नेता पर दर्ज केस के सिलसिले में की जाएगी। 17 जनवरी को बलदेव सिंह सिरसा से पूछताछ की जा सकती है।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार किसानों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करती है। सरकार कमेटी के सामने अपना पक्ष रखेगी। हम बातचीत से हल निकालना चाहते हैं।

किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के सभी सदस्य खुली बाजार व्यवस्था या कानून के समर्थक रहे हैं।

जालंधर में पुलिस ने किसानों को रोक लिया। इस दौरान धक्का मुक्की भी हुई। किसान लगातार कृषि कानूनों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।  किसान भाजपा के प्रदर्शन के खिलाफ में हैं।