farmers protest

एक बात किसी की समझ में नहीं आ रही है कि हरफनमौला नरेंद्र मोदी इस बार किसानों के जाल में फंस कैसे गए कि उनको बाहर निकलने का रास्ता नहीं दिख रहा।

किरावली में बुधवार को हुई महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने मंच से कहा कि कृषि कानूनों के नाम पर व्यापारियों को लाभ नहीं देने दिया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन नेता, राकेश टिकैत ने मंगलवार को धमकी जारी करते हुए कहा कि अगर तीन कानूनों को रद्द नहीं किया जाता है, तो किसान 40 लाख ट्रैक्टरों को लेकर संसद तक मार्च करेंगे। वह राजस्थान के सीकर में एक किसान रैली को संबोधित कर रहे थे।

‘मौनी अमावस्या’ के पवित्र दिन प्रियंका प्रयागराज में थीं। भाई राहुल गांधी जिस समय हिंदुत्व की छवि के प्रतीक प्रधानमंत्री पर लोकसभा में हमले की तैयारी कर रहे थे, प्रियंका संगम में डुबकी लगाकर हिंदुत्व का स्नान कर रहीं थीं।

दिल्ली में हिंसा फैलाने और विदेशी दूतावासो के समक्ष भारत सरकार की किसानों के उत्पीड़न की फर्जी कहानी गढ़ने की साजिश में शामिल एक 22 साल की युवती को मासूमियत का मुलम्मा चढ़ा कर बेचारी का डंका पीटा जा रहा है।

किसानों के विरोध प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि बीजेपी के लिए इस बार पंचायत चुनाव की राह आसान नहीं होगी। जिले के गाँव भैंसवाल में सैकड़ों किसानों ने भाजपा नेताओं के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए और भारी विरोध किया।

कृषि कानूनों के खिलाफ अब भी किसान आंदोलन जारी है। इस आंदोलन को और मज़बूती देने के लिए भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और पंजाब खेत मजदूर यूनियन ने रविवार को बरनाला की अनाज मंडी में किसान-मजदूर एकता महारैली की।

राकेश टिकैत की किसानों से उनकी खड़ी फसल का त्याग करने के लिए तैयार रहने की अपील पर बिजनौर में एक किसान ने लगभग आधी गेहूं की फसल नष्ट कर दी।

शामली जिले में खाप चौधरियो की खरी-खोटी सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के काफिले को गांव भैंसवाल में भी किसानों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।

आंदोलन के बीच किसान नेताओं में फूट पड़ने लगी है। गुरनाम सिंह चढूनी ने राकेश टिकैत के दो अक्टूबर तक आंदोलन चलाने के एलान को निजी राय बताया है।