Fire In Delhi

दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को भीषण आग लग गयी, जिसके बाद क्षेत्र में अफरा तफरी मच गयी। सूचना के बाद मौके पर दमकल की 26 गाड़ियां पहुंच गयी और आग पर काबू पाने में लग गयी हैं। आग इतनी भयावर है कि अब तक इसपर काबू नहीं पाया जा सका है। हालाँकि अब तक …

मिली जानकारी के मुताबिक ये आग गुरुवार सुबह चार बजकर 23 मिनट पर बजे लगी। हालांकि अभी आग लगने की वजहों का पता नहीं चल सका है लेकिन माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के की वजह से लगी है।

देश की राजधानी दिल्ली से एक बार फिर आग लगने की खबर सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में चार मंजिला इमारत में भीषण आग लगी है। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।

नरेला के इस इंडस्ट्रीयल इलाके में दो फैक्टरियों में आग लग गई है। एक फैक्ट्री में आग पर काबू लगभग पा लिया गया है, मगर दूसरी फैक्ट्री में अब भी आग बुझाने का काम जारी है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 20 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं।

बता दें कि असम और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में नए नागरिकता कानून के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहा है। असम और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक इस आग में तीन बुजुर्ग महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। आग ​की जानकारी मिलते ही मौके पर आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 9 गाड़ियां पहुंची। काफी देर तक चले फायर ऑपेरशन के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

दरअसल, आग की लपटों में घिरे और धुएं से परेशान मुशर्रफ नाम के युवक ने तड़के करीब 5 बजे जिंदगी के अंतिम क्षणों में अपने दोस्त को कॉल किया। करीब 6 मिनट की बातचीत के ऑडियो में वह बार-बार दोस्त से अपने परिवार और बच्चों का ध्यान रखने की गुहार लगाता रहा।

सूत्रो के मुताबिक यह आग सुबह करीब 5 बजकर 15 मिन के आसपास लगी। आग लगने के थोड़ी देर में ही दमकल की 34 गाडियाँ घटनास्थल पर पाहुच गयी थी। आवासीय इलाके में चलाई जा रही फैक्ट्री में आग लगने के समय 50 से अधिक लोग थे।

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हैं जब देश की राजधानी दिल्ली में आग ने अपने आगोश में लोगों की जानें ली है। इसके पहले भी लापरवाही के चलते दिल्ली में कई बार लोगों की जानें जा चुकी हैं। इसी साल 2019 की ही बात करें तो दिल्ली में ही बिल्डिंग या फ़ैक्टरी के तमाम मामले सामने आए हैं।