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राजधानी लखनऊ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पटाखों पर लगाई गई रोक के बावजूद हुई आतिशबाजी से यहां प्रदूषण बढ़ा तो लेकिन प्रकृति द्वारा दीपावली पर राहत का तोहफा के तौर पर हुई बारिश ने प्रदूषण की मात्रा को कम कर दिया।  

बीते कुछ सालों से सर्दियां शुरू होते ही धुंध और जहरीली हवा के चक्रव्यूह में फंसने वाली राजधानी लखनऊ एक बार फिर इसकी गिरफ्त में है। लाकडाउन के दौरान साफ हवा के झोंकों और दूर तक फैला नीला आसमान अब बीते कल की बात हो गई है।

पटाखों को प्रतिबंधित करने के संबंध में एनजीटी ने देश के 18 राज्यों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था जिसमें लगभग आधे राज्यों ने तो स्वयं ही पटाखों पर बैन लगा दिया है

राजधानी में जहरीली होती हवा और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अरविंद केजरीवाल सरकार ने अहम फैसला लिया है। इन दिनों चल रहे हालातों को मद्देनजर रखते हुए राजधानी में सरकार ने पटाखे जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

लॉकडाउन में प्रदूषण स्तर गटने के बाद एक बार फिर से देश में तेज़ी से बढ़ रहे प्रदूषण के कारण एनजीटी ने सख्त निर्णय लिया है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण के मामले की सुनवाई 18 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों तक बढ़ा दिया है।

देश के कई शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गंभीर रूख दिखाते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय तथा यूपी समेत 4 राज्यों की सरकारों को नोटिस जारी कर आगामी 07 से 30 नवंबर तक पटाखों पर प्रतिबंध लगाने को कहा हैै।

दीपों का त्योहार दिवाली पूरे देश में खुशियों के साथ मनाते हैं। लेकिन पटाखों की वजह से होने वाली घटनाए इसका मजा खराब कर देती हैं। पटाखों के प्रति लोगों मे जबरदस्त क्रेज रहता है। पटाखे जलाते समय कभी-कभार त्वचा जल जाती हैं।यह लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती हैं।

योगी सरकार ने दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने दिवाली के मौके पर केवल दो घंटे पटाखे जलाने के निर्देश दिए हैं।