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मध्य प्रदेश का सियासी बवाल अभी तक थमता दिखाई नहीं दे रहा है। पिछले 10 दिनों से मध्य प्रदेश की राजनीति में काफी उथल-पुथल मचा हुआ है।

मध्यप्रदेश की सत्ता के संकट को टालने और बेंगलुर में रूठकर बैठे बागी विधायकों को मनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने करीबी रहे बागी विधायक..

मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक उठपटक के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को कल सदन में बहुमत साबित करने का आदेश दिया। कोर्ट..

कांग्रेस के बागी विधायकों ने कांग्रेस के किसी भी नेता या कार्यकर्ता से मिलने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि चाहे वो दिग्विजय सिंह हों या फिर सीएम कमलनाथ वे किसी से भी नहीं मिलना चाहते हैं।

मध्य प्रदेश का सियासी ड्रामा बढ़ता ही जा रहा है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को बुधवार को हिरासत में ले लिए गया। दरअसल, कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले 22 बागी विधायकों से मिलने दिग्विजय सिंह बेंगलुरु पहुंचे थे।

सुप्रीम कोर्ट में कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट की मांग वाली याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन कांग्रेस की ओर से कोई कोर्ट पहुंचा ही नहीं, जिसके बाद कोर्ट ने बुधवार तक के लिए सुनवाई टाल दी और कमलनाथ सरकार को नोटिस जारी किया है। 

मध्य प्रदेश में राजनीति के चक्रव्यूह में कमलनाथ की सरकार फंसती नजर आ रही है। जहां इसकी शुरूआत कांग्रेस के कद्दावर नेता व पार्टी के महासचिव ज्योतिरादित्य....

राज्यपाल ने कहा कि मंगलवार(17 दिन) कमलनाथ सरकार का फ्लोर टेस्ट होगा। सीएम कमलनाथ ने विधान सभा से निकलने के बाद कहा कि अगर BJP के पास बहुमत है और हमारी सरकार अल्पमत में आ गयी है तो वो सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव क्यों नहीं लाती।

विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होने की अटकलों के बीच 26 मार्च तक के लिए विधानसभा स्थगित हो गयी। ऐसे में कमलनाथ को बहुमत साबित करने के लिए दस दिनों का समय मिल गया