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ऐसे तो चाप खाना अधिकतर लोगों को पसंद होता है और उसमें भी अगर बात मलाई चाप की हो तो कहने ही क्या। शाम के समय जब कभी स्नैक्स के रूप में कुछ खाने का मन करें तो अक्सर लोग बाजार जाकर मलाई चाप खाते हैं।

स्वस्थ भोजन खाने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है, विशेषकर डायबिटीज वाले लोगों । मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो तब विकसित होती है जब रक्त शर्करा या ग्लूकोज का स्तर मानव शरीर में सामान्य से अधिक होता है।

असम में बाढ़ से त्राहि-त्राहि मची हुई है। प्रदेश के कई ऐसे गांव हैं जो महीनों से टापू बने हुए हैं। सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। आप जिधर नजर दौड़ाएंगे पानी ही पानी नजर आएगा और उसमें मकान डूबे हुए दिखेंगे।

अब आने वाली 21 जून यानि कल एक और ग्रहण लग रहा है। यह सूर्य ग्रहण होगा। इसे धार्मिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है क्‍योंकि यह चंद्र ग्रहण के मात्र 16 दिन बाद लग रहा है जो भारत में खंडग्रास रूप में दिखाई देगा।   इस बार साल के सबसे बड़े दिन 21 जून को दुर्लभ खगोलीय घटना होगी।

हमारा धर्म हमें सदगति पर चलने की राह प्रशस्त करता है। हमें परंपराओं से अवगत कराता है।  हिंदू धर्म में कई ऐसी परंपराएं है जिनका पालन सदियों से होता रहा है। उन्हीं परंपराओं का पालन आज भी लोग करते आ रहे हैं अपने से बड़ों के पैर छूते हैं और शादीशुदा महिलाएं आज भी अपने मांग में सिंदूर जरूर लगाती हैं। इन परंपराओं के पीछे धार्मिक व वैज्ञानिक दोनों महत्व है.....

महाभारत में कहा गया है कि दूसरों को भोजन कराना शुभ फलदायक है। इसके अनुसार 5 लोगों खाना खिलाना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसे लोगों को खाना खिलाने का अवसर कभी-कभी ही मिलता है। जानते है किन लोगों को खाना खिलाकर आपको शुभ फल मिलेंगे।

मत्स्य विभाग और राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद द्वारा निजी क्षेत्र में बाराबिरवा, कानपुर रोड, पिकेडली होटल के निकट स्थापित फिश गैलेक्सी से यह सुविधा जोमैटो ऐप् के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग पर दी जा रही है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर करीब ४०० परिवारों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए।

जब पूरा देश कोरोना वायरस से जंग लड़ रहा है। लॉकडाउन में अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनके पास सरकारी मदद सही ढंग से नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे लोगों की मदद के लिए समाज के बीच में से ही कुछ लोग आगे आ रहे हैं।

लॉकडाउन में बनारस के रहने वाले सतेंद्र नारायण की चर्चा हो रही है। सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करते हुए सत्येंद्र अब लोगों के लिए मिसाल बन चुके हैं। अपनी मां की मृत्यु के बाद उनकी तेरहवीं पर परिचितों को भोजन कराने के बजाय सत्येंद्र ने इस खाने को गरीबों में बांट दिया। उनकी इस पहल की लोग खूब सराहना कर रहे हैं।