Formers Protest

किसानों की जमीन लेकर खेती कराने से शोषण बढ़ेगा। कुछ किसानों ने इसे किसान विरोधी बताया तो कुछ प्रगतिशील किसानों ने हित में बताया।

किसानों ने सरकार को खुली चुनौती दी है कि अगर जबरन विधेयक थोपा गया तो चाहे कुछ हो जाए, इसे किसी हालत में मंजूर नहीं किया जाएगा।

राकेश टिकैत ने इस कानून का किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव का ज़िक्र करते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से किसान कुछ ही साल में बर्बाद हो जाएगा।

मोदी मंत्रिमंडल ने 3 जून को दो नए अध्यादेशों पर मुहर लगाई थी और EC Act में संशोधन की मंजूरी दी थी। अब संसद से मंजूरी मिल चुकी है। अब ये कानून बन गए है।