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टॉपर बनने के बाद हिमांशु ने कहा कि कोचिंग के साथ पापा भी पढ़ाई कराते थे। घर में 14 घंटे की पढ़ाई करते थे, जिसके बाद आज वह टॉप आए हैं। हिमांशु ने कहा कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। इसको लेकर वह आगे भी कड़ी मेहनत करेंगे।