funeral

हाथरस में हुई घटना में पीड़िता के शव को रातों-रात जला देने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने स्वत: संज्ञान लेते हुए व्यक्ति के मृत्यु के बाद सम्मानजनक अंत्येष्टि को अधिकार मानते हुए मामला दर्ज किया है

अब कुत्तों का भी अंतिम संस्कार (Dog Cremation) किया जा सकेगा। जी हां, इसके लिए शवदाह गृह भी बनवाने की योजना है। द्वारका सेक्टर 29 में  देश में अपनी तरह का पहला शवदाह गृह बनाने की तैयारी है।

17 साल के युवक की मौत के बाद उसकी अर्थी तक सजा दी गई, लेकिन अपनी चिता पर जाने के बाद भी वो इस दुनिया में वापस लौट आया। यानी युवक को दोबारा जिंदगी मिल गई।

एक 20 साल की एक युवती के अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही थी, तभी फ्यूनरल होम के एक स्टाफ ने उसे आंखें खोलते हुए देख लिया। अब लड़की का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।

आराधना मिश्रा ने कहा कि महिला आयोग, बाल आयोग तथा अनुसूचित जाति जनजाति आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए, और इसकी जांच करायी जानी चाहिए।

साल 2020 बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए बेहद बुरा साबित हो रहा है। एक के बाद एक कई सितारों ने इस दुनिया को अचानक अलविदा कह दिया।

रुड़की में सिविल हॉस्पिटल में जुकाम और खांसी से पीड़ित एक युवक का इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने श्मशान घाट गए, लेकिन सभी जगह अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया गया। अंत में परिजनों को लौटना पड़ा।

कोरोना महामारी को लेकर लोगों के अंदर बेहद खौफ बैठ चुका है और ये इस कदर है कि लोग पीडिंतों से तो दूरी बना ही रहे हैं, साथ ही अब सार्वजनिक श्मशानों में भी उनके अंतिम संस्कार का विरोध कर रहे हैं।

कोरोना वायरस ने आम जन जीवन के साथ उसकी रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दी है। हालात कितने ज्यादा बदतर हो गये हैं, इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि जिन लोगों की मौत कोरोना वायरस से हो रही है।

मध्य प्रदेश की सरकार ने कोरोना के चलते मौत के बाद शवों के अंतिम संस्कार के लिए कुछ गाइलाइंस जारी कर शवों को छूने-चूमने और नहलाने पर रोक लगा दी है।