ganga

शिवरात्रि के पहले शिव की नगरी बनारस में भक्तों का रेला उमड़ने लगा है। शहर शिवमय हो चुका है। मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है तो शहर में सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने भी इस बार खास तैयारी की है।

आशुतोष सिंह वाराणसी। गंगा की सफाई को लेकर ‘नमामि गंगे योजना’ के तहत केंद्र की भाजपा सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है। लेकिन पांच साल गुजर जाने के बाद भी गंगा में कोई ठोस बदलाव नहीं दिख रहा है। 14 दिसम्बर को कानपुर में राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक में भाग लेने पहुंचे प्रधानमंत्री …

केंद्र सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद गंगा नदीं में प्रदूषण कम होता नहीं दिख रहा है। अब गंगा के उद्गम स्थल के नजदीक गंगोत्री में खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि सामान्य एंटीबायोटिक से ज्यादा ताकतवर हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वाराणसी से स्पेशल स्टीमर (बजरा) को मंगाया गया है। इस स्टीमर को काशी के गोलू मांझी चलांएगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजरा में बैठकर गंगा की अविरलता को परखेगें।

नेशनल गंगा काउंसिल की पहली बैठक में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कानपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी और यूपी बीजेपी के नेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी ने यहां गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट की समीक्षा की।

आधा सितंबर बीत जाने के बाद देश के कई राज्यों में बाढ़ और बारिश ने तबाही मचा रखी है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश में बाढ़ से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना ने रौद्र रूप धारण कर लिया है।

गंगा के बढ़े हुए जलस्तर से घाटों का संपर्क एक बार फिर टूट चुका है। स्थानीय लोग जैसे तैसे जिंदगी गुजार रहे हैं। बाढ़ के चलते गंगा आरती का जगह बदल दिया गया है। वही जल पुलिस की चौकी भी जलमग्न होने के कगार पर पहुंच चुकी है।

पहाड़ी और मैदानी भागों में हो रही जोरदार बारिश का असर दिखने लगा है। पूर्वांचल के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। यहां पर गंगा अपना रौद्र रुप दिखाने लगी हैं। वाराणसी में गंगा नदी खतरे के निशान से चंद फासलों पर हैं। अगर एक या दो दिन में यही हालात रहें तो गंगा का पानी रिहाइशी इलाकों में घुस जाएगा।

इस सम्बन्ध में गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि सूतक काल में सभी देवालयों के कपाट बंद हो जाते हैं। ऐसे में मां गंगा की आरती भी सूतक काल के पहले संपन्न करवा ली जाएगी।

लगातार हो रही बारिश का साइडइफेक्ट देखने को मिलने लगा है। उत्तर प्रदेश सहित कई प्रदेशों में धीरे-धीरे बाढ़ के हालात बनने लगे हैं। नदियां उफान मार रही हैं। वाराणसी में भी गंगा में जलस्तर में तेजी से बढ़ाव देखने को मिल रहा है।