gangster Vikas Dubey

उत्तर प्रदेश पुलिस की नाक में दम करने वाला गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। विकास दुबे की तलाश युपी पुलिस काफी टाइम से कर रही थी। जिसका अब एनकाउंटर हो चूका है।

एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया की जब विकास दुबे को कानपुर लाया जा रहा था तो रास्ते में कुछ गाड़ियां उनको फॉलो करने लगी। जिसकी वजह से गाड़ी तेज़ भगाने की कोशिश की गई। बारिश तेज़ थी, इसलिए गाड़ी पलट गई।

सुप्रीम कोर्ट ने जिस गैंगस्टर को जमानत देने से मना किया है, उसके खिलाप 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अदालत ने विकास दुबे का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है।

विकास की विदेश में संपत्तियां खरीदने की भी जानकारी की जा रही है। पता चला है कि विकास दुबे की बैंकाक और दुबई में संपत्तियां हैं।

आखिर क्या वजह थी कि पुलिस को विकास दुबे का एनकाउंटर करना पड़ा? आज हम आपको बताते हैं कि वो कौन था जिसने विकास दुबे की हत्या की साजिश रची थी, यानि कि कौन था कानपुर कांड का सूत्रधार ।

इससे पहले बीती 17 जुलाई को उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे और उसके सहयोगियों के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग वाली दो याचिकाओं पर शीर्ष कोर्ट के समक्ष विस्तृत जवाब पेश किया था। पुलिस

विकास दुबे हत्या के बाद यूपी सरकार व यूपी पुलिस एक सक्रिय हो गई है। राज्य सरकार ने कानपुर कांड के बाद राज्य में ऑपरेशन क्लीन शुरू कर दिया है। मतलब  अब राज्य  के टॉप छटे हुए बदमाशों की धड़ पकड़ शुरु हो गई है।

हाल-फिलहाल जो कहानी 2-3 जुलाई की रात को आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने से शुरू होती है, वो 10 जुलाई को सुबह 6:30 बजे के लगभग विकास दुबे की मौत के साथ खत्म हो जाती है।

प्रदेश के कानपुर में पुुलिस हत्याकांड के आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद से हर रोज एक नया किस्सा सामने आ रहा है। ऐसे में अब इस मामले में विकास दुबे के खिलाफ एफआईआर लिखवाने वाला शख्स जिसका नाम राहुल तिवारी वो आया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बिकरू ग्राम, थाना चैबेपुर, कानपुर के विकासदुबे और उसके गिरोह का कथित तौर पर फेक एनकाउंटर किये जाने के संबंध में लखनऊ की समाजसेविका उर्वशी शर्मा की शिकायत पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष ने यूपी के पुलिस महानिदेशक से आगामी 02 सितंबर को रिपोर्ट तलब की है।