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ब्रिटिश ब्रोकरेज फर्म बार्कलेज ने कहा है कि कोरोना के चलते 3 मई तक बढ़ाए गए इस देशव्यापी लॉकडाउन से देश को 234.4 अरब अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान होगा।

कोरोना वायरस की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका लगने की संभवाना है। जीडीपी के मोर्चे पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आगाह किया है, तो वहीं ग्लोबल इकोनॉमी 2020 में स्लोडाउन में जा सकती है।

कोरोना वायरस की वजह से देश की इकोनॉमी बुरी तरह लड़खड़ा गई है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इकोनॉमी को 9 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान हो सकता है।

दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बना। 2.94 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ भारत ने साल 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है।

देश के व्यापार और मेक इन इंडिया मुहिम पर कोरोना वायरस के असर को लेकर सरकार मुस्तैद हो गई है। इसके असर और इसके कारण आई रुकावट का आकलन करने के लिए वित्त...

आर्थिक सुस्‍ती की वजह से आलोचना झेल रही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के ताजा बयान से...

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने सोमवार को भारत समेत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर को घटा दिया है। इसके साथ ही उसने व्यापार व्यवस्था में सुधार के बुनियादी मुद्दों को भी उठाया।

अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे ट्रेड वॉर पर अब रोक लगती दिखाई दे रही है, लेकिन जिसकी वजह से चीन को काफी नुकसान हुआ है। दोनों देशों में ट्रेड वॉर की वजह से चीन को 30 सालों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

जीडीपी की विकास दर घटने से लोगों की आमदनी, खपत और निवेश पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। निवेश में विकास दर भी गिरकर एक फीसदी पर आ गई है। और इसकी वृद्धि दर पिछली 19 तिमाही के निचले स्तर पर है।

एक साल पहले इसी माह की तुलना में यह संग्रह छह प्रतिशत बढ़ा है और 1.03 लाख करोड़ रुपये रहा है। इससे पहले अक्टूबर में जीएसटी वसूली 95,380 करोड़ रुपये थी जबकि पिछले वर्ष नवंबर में 97,637 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी।