George Floyd

अमेरिका में एक अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की पुलिस हिरासत में मौत होने के बाद जोरो से 'ब्लैक्स लाइव्स मैटर' आंदोलन चलाया जा रहा है।

फ्लॉएड की गर्दन 8 मिनट 46 सेकेंड तक पुलिस के घुटने के नीचे दबी रही। गर्दन दबने के करीब छह मिनट बाद फ्लॉएड का शरीर निर्जीव हो गया। नब्ज न मिलने के लिए बाद जब पुलिस अधिकारियों ने फ्लॉएड को छोड़ा तो वह सड़क पर निढाल पड़े थे।

अमेरिका के कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। जगह जगह पुलिस के साथ संघर्ष, आगजनी और लूटपाट की वारदातें हुईं हैं। लोग पुलिस की बर्बरता के खिलाफ अपना गुस्सा हिंसा के जरिये जता रहे हैं।

अमेरिका में अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया है। अमेरिका के 30 शहर हिंसा की आग में झुलस गए हैं। इसकी आंच रविवार को व्हाइट हाउस तक पहुंच गई।