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चीन सहित दुनिया के 114 देशों में कोरोना वायरस (कोविड-19) फैल चुका है। 1,18,000 से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए है। वहीं इस वायरस की वजह से 4,291 लोगों ने अपनी जान गवा दी है। भारत ने कोरोना वायरस के 60 मामले सामने आ चुके है।

आज जब पूरे देश में हिंदू और मुसलमान को लेकर विवाद व झगड़ा हो रहा है। लोग एक दूसरे के जान के प्यासे बन हुए हैं। तब मेरठ से एक हैरतअंगेज करने वाली खबर आ रही..

दिन की शुरुआत चाहते हैं शुभ और सफलतादायक हो तो बिस्तर से उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ कर चेहरे पर लगाएं। बिस्तर से उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ कर चेहरे पर लगाएं और दिए गए 3 मंत्रों में से किसी भी 1 मंत्र को हर दिन बोलें। आपको हर काम में सफलता मिलने लगेगी। 

दिन की शुरुआत चाहते हैं शुभ और सफलतादायक हो तो बिस्तर से उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ कर चेहरे पर लगाएं। बिस्तर से उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ कर चेहरे पर लगाएं और दिए गए 3 मंत्रों में से किसी भी 1 मंत्र को हर दिन बोलें।

क्या आप कभी भगवान् को देखें हैं, पौराणिक कथाओं के अनुसार सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी देवता है, क्या आप जानते हैं की ईश्वर कैसा दिखता है, कैसा होता है? लेकिन अगर सभी को मिलकर जो एक ईश्वर है अगर हमें उसका चेहरा देखना हो कैसे देखेंगे?

मैत्रायणी संहिता में नारद को आचार्य के रूप में सम्मानित किया गया है। कुछ स्थानों पर नारद का वर्णन बृहस्पति के शिष्य के रूप में भी मिलता है। अथर्ववेद में भी अनेक बार नारद नाम के ऋषि का उल्लेख है। भगवान सत्यनारायण की कथा में भी उनका उल्लेख है।

हरिद्वार: हिंदू धर्मावलंबी सावन मास को सभी मासों में पवित्र मास मानते है। इस माह में शिव-पार्वती के पूजन का विधान है। वैसे तो इनका पूजन हर मास में किया जाता है, लेकिन सावन में पूजा करने से विशेष फल मिलता है। इसलिए प्रिय है शिव को सावन माह पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान भोले …

शास्त्रों में घर में लक्ष्मी आगमन के 5 संकेत के बारे में बताया गया है। मान्यता है कि ये खास संकेत घर में माता लक्ष्मी की उपस्थिति की भी पूर्व सूचना देते हैं। शास्त्र और पुराणों में वर्णन है कि यदि किसी पर धन की देवी की कृपा हो जाए तो उसके घर कभी धन …

पूनम नेगी देवों के देव महादेव की सर्वोपरि विशिष्टता यह है कि वे जितने साधारण हैं उतने ही विलक्षण व असाधारण भी। महादेव साधन नहीं भक्त की पात्रता व भाव देखते हैं। यही वजह है कि हर खासोआम महादेव से पूरी सहजता से जुड़ाव महसूस करने लगता है। सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार के …

जयपुर:खरमास यानि पौष मास  जो16 दिसंबर से प्रारंभ हो गया है। खरमास की यह अवधि लगभग एक महीने तक चलेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभ कार्य प्रारंभ करना अशुभ है। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य इस समय वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं। इस मास को मलमास भी कहा जाता …